बर्थडे स्पेशल: संघर्ष का दूसरा नाम थे ओम पुरी, कर दी थी अपनी मौत तक की भविष्यवाणी और फिर…

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महान बॉलीवुड अभिनेता ओम पुरी की जब भी बात निकलती है, तो एक आम आदमी के रूप में उनका चेहरा हमारे सामने आ जाता है, क्योंकि बड़े पर्दे पर उन्होंने आम आदमी को जीवंत करने का काम किया था। प्रतिभा उनकी ऐसी थी कि उन्हें अपने लाजवाब अभिनय के लिए न केवल बॉलीवुड में, बल्कि हॉलीवुड तक में पहचान मिल गई थी।

ओम पुरी का 18 अक्टूबर को जन्मदिन है। ओम पुरी, जिनका जन्म पटियाला में वर्ष 1950 में हुआ था, उनका नाम ओम राजेश पुरी हुआ करता था। ओम पुरी तीन साल पहले यानी कि वर्ष 2017 में इस दुनिया को अलविदा कह कर जरूर चले गए, लेकिन भारतीय सिनेमा में उनका नाम हमेशा के लिए अमर हो गया। एक नजर डालते हैं ओम पुरी की जिंदगी से जुड़ीं कुछ दिलचस्प बातों पर।

ओमपुरी जब 6 साल के थे, तब बेहद गरीबी में उनका जीवन गुजर रहा था। एक टी स्टॉल पर वे बर्तन धोने का काम करते थे। ओम पुरी में अभिनय की ललक बचपन से ही थी। उन्होंने प्रयास जारी रखा और इस तरीके से नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा तक में उन्होंने एडमिशन ले लिया।

मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

सबसे पहले तो मराठी फिल्म ‘घासीराम कोतवाल’ से ओम पुरी ने फिल्मी दुनिया में कदम रखा। वर्ष 1983 में ‘अर्ध सत्य’ नाम की एक फिल्म आई थी, जिसने ओम पुरी को विशेष पहचान दिलाई थी। इस फिल्म में ओम पुरी ने इतना धमाकेदार प्रदर्शन किया था कि इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार तक हासिल हुआ था। दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले टीवी सीरीज ‘भारत एक खोज’ में वर्ष 1988 में ओम पुरी ने अलग-अलग भूमिकाएं निभाई थीं, जिसे दर्शकों ने खासा पसंद किया था।

अपनी मौत के बारे में

ओम पुरी के बारे में यह जानकर आपको हैरानी होगी कि उन्होंने अपनी मौत तक की भविष्यवाणी कर दी थी। जी हां, ओम पुरी ने एक बार कहा था कि अचानक उनकी मौत हो जाएगी। वर्ष 2015 में उन्होंने कहा था कि पता भी नहीं चलेगा आपको और मेरी मृत्यु हो जाएगी। सोए सोए हम चले जाएंगे। आपको अचानक से यह जानकारी मिलेगी कि कल सुबह 7:22 बजे ओम पुरी ने दुनिया को अलविदा कह दिया।

ओम पुरी ऐसा कहने के बाद जोर से हंसे भी थे। ओम पुरी का निधन बाद में वाकई बिल्कुल इसी तरीके से हुआ था। उनके घर में उनका शव नग्न अवस्था में पड़ा हुआ मिला था। ऐसा कहा जाता है कि दिल का दौरा पड़ने की वजह से उनकी मौत हो गई थी।

वो बड़ा खुलासा

‘अनलाइकली हीरो : द स्टोरी ऑफ ओम पुरी’ के नाम से उनकी जीवनी उनकी दूसरी पत्नी नंदिता पुरी ने 2009 में लिखी थी। छपने के बाद जब उनकी यह जीवनी दुनिया के सामने आई, तो ओम पुरी की निजी जिंदगी में उथल-पुथल मच गया था। इसमें बताया गया था कि कई महिलाओं के साथ ओम पुरी ने संबंध बना रखे थे। ओम पुरी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि नंदिता ने इस बात को सभी के सामने लाकर उनके चाहने वालों के बीच उनकी छवि को पूरी तरीके से धूमिल कर दिया है।

ओम पुरी की फिल्म ‘जाने भी दो यारों’ की बात करें या फिर ‘चाची 420’ और ‘मालामाल वीकली की’, उनकी फिल्म ‘मिर्च मसाला’ की बात करें या फिर ‘हेरा फेरी की’, हर फिल्म में ओमपुरी को एकदम अलग अंदाज में भूमिकाएं निभाते हुए देखा गया है। बेहद गरीबी और अभाव में ओमपुरी की शुरुआती जिंदगी जरूर बीती, लेकिन ओम पुरी ने संघर्ष करके अपनी जिंदगी में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया।

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