Navratri 2020: नवरात्रि में सभी शुभ कार्य किये जाते लेकिन नहीं होती शादी, जानिये वजह

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17 अक्टूबर से नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत हो रही है. नवरात्रि का त्योहार 17 से 24 अक्टूबर तक चलेगा. नवरात्रि के त्योहार में मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है. इन दिनों के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना बहुत अच्छा माना जाता है. इन दिनों लोग कई शुभ कार्य जैसे भूमि पूजन, गृह प्रवेश, इत्यादि करते हैं.

नवरात्रि में सभी तरह के शुभ कार्य किये जाते हैं, लेकिन इन दिनों किसी का विवाह नहीं होता. अगर शुभ कामों की बात की जाए तो विवाह बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, ऐसे में आखिर नवरात्रि में विवाह को लोग शुभ क्यों नहीं मानते? आज के इस लेख में हम आपको इसी सवाल का जवाब देने जा रहे हैं. आखिर क्यों है ऐसा, आईये जानते हैं..

नवरात्रि में इसलिए नहीं की जाती शादी

नवरात्रि में मां की पूजा करने के साथ-साथ लोग शारीरिक और मानसिक शुद्धता के लिए भी व्रत रखते हैं. शादी का मुख्य उद्देश्य संतति के द्वारा वंश को आगे बढ़ाना होता है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के पावन दिनों में स्त्री के साथ सहवास को पाप बताया गया है. इन दिनों महिलाओं की पवित्रता का महत्व बढ़ जाता है. यही वजह है कि नवरात्रि के दौरान शादी नहीं की जाती.

नवरात्रि के दौरान इन बातों का रखना चाहिए ध्यान

दिन में न सोएं

नवरात्रि के दिनों में कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए. विष्णु पुराण की मानें तो जिस किसी ने भी नवरात्रि का व्रत रखा है, उसे दिन में सोना नहीं चाहिए. जो लोग दिन में सो जाते हैं, वे फल से वंचित रह जाते हैं. नवरात्रि पर मां की पूजा-अर्चना करें, तभी फल की प्राप्ति होगी.

न करें शराब, तंबाकू का सेवन

नवरात्रि के पूरे नौ दिन बेहद पावन माने जाते हैं. इन दिनों में नशीली पदार्थों से दूरी बनाकर रखना चाहिए. इन दिनों भूले से भी व्यक्ति को शराब व तंबाकू का सेवन नहीं करना चाहिए. वैसे भी नशीली पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है. इसलिए इन दिनों में शराब व तंबाकू से दूर रहना चाहिए.

ग्रहण करें सात्विक भोजन

नवरात्रि के दिनों में सात्विक भोजन को सबसे अच्छा बताया गया है. इन दिनों मदिरा-मांस का सेवन करने से बचना चाहिए. नवरात्रि के 9 दिनों में मां के 9 रूपों के पूजा करने का विधान होता है. इन दिनों ब्रह्माचर्य का पालन करना चाहिए.

क्यों करते हैं लोग लहसुन-प्याज से परहेज?

आपने देखा होगा कि नवरात्रि के दिनों में कुछ लोग प्याज और लहसुन का त्याग कर देते हैं. वे अपने खाने में इसे शामिल नहीं करते, क्योंकि शास्त्रों में इसे सात्विक नहीं माना जाता. शास्त्रों में कहा गया है कि लहसुन और प्याज का सेवन करने से व्यक्ति को गुस्सा जल्दी आता है और वह राक्षसी प्रवृति का हो जाता है. इसलिए नवरात्रि में कुछ लोग अपने भोजन में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल नहीं करते.

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