त्‍योहारी सीजन में चीन को तगड़ा झटका देंगे भारतीय कारोबारी! नहीं बेचेंगे चीनी सामान, मनाएंगे देसी दीवाली

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भारत-चीन तनाव के बीच देश के कारोबारियों ने इस बार देसी दीपावली मनाकर चीन को तगड़ा झटका देने का मन बना लिया है. व्‍यापारी संगठन कैट के आह्वान पर इस बार दीपावली पर देश के किसी भी बाजार में चीन में बना समान नही बेचा जाएगा बल्कि भारत में बने सामानों से ही बाजारों में रौनक की जाएगी. व्यापारियों ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं. कैट ने बताया कि इस बार लोगों को त्‍योहारों में भारत में ही बनी मूर्तियों से लेकर गिफ्ट आइटम्‍स और झालर से लेकर दूसरे उत्‍पादों तक उपलब्‍ध कराए जाएंगे.

दीवाली को लेकर व्यापारियों ने किए है ये तैयारियां

पहले त्‍योहारी सीजन के दौरान भारतीय बाजारों में चीनी सामानों का दबदबा आम बात थी. चीन को आर्थिक मोर्चे पर पटखनी देने की मुहिम में केंद्र सरकार को व्यापारियों का साथ मिला है. दीपावली को देखते हुए व्यापारियों ने दो महीने पहले ही तैयारियां शुरू कर दी थी. व्यापारियों ने देश के चार राज्यों में त्योहारों से संबंधित सामानों को बनाने का काम शुरू कर दिया था ताकि चीन या दूसरे देशों पर निर्भर नहीं होना पड़े. बता दें कि भारत हर साल रक्षाबंधन से लेकर दीवाली तक चीन से करीब 40 हजार करोड़ रुपये के सामान का आयात करता है. ‘मेड इन इंडिया’ के तहत बने सामानों को घर-घर पहुंचाने के लिए व्यापारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल कर रहे हैं.

 

विदेशों में भी भारतीय सामानों का बज रहा है डंका

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी भारतीय सामानों की मांग बढ़ गई है. इस साल दीवाली से जुड़े देसी समानों जैसे दीये, बिजली की लड़ियां, बिजली के रंग बिरंगे बल्ब, सजावटी मोमबत्तियां, सजावट के समान, वंदनवार, रंगोली व शुभ लाभ के चिह्न, उपहार देने की वस्तुएं, पूजन सामग्री, मिट्टी की मूर्तियां समेत कई सामान का उत्पादन भारतीय कारीगरों ने ही किया है. देसी कारीगरों के हुनर को भारतीय व्यापारी बाजारों तक पहुचाएंगे. इसके अलावा ऑनलाइन, सोशल मीडिया प्रोग्राम और वर्चुअल प्रदर्शनी के जरिये भी देशभर में इन सामानों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी.