भयावक होता जा रहा है कोरोना, अब पुरुषों के अंडकोष पर कर रहा है वार

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कोरोना वायरस बहुत तेजी से पूरी दुनिया मे अपनी पकड़ बना रहा है। अभी भी इस पर कोई रोक थाम नही लग पाई है,अभी भी यह बहुत रफ्तार से दूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रहा है। हर देश इसको रोकने के लिए वैक्सीन की तलाश में जुटा है। पर अभी भी सफलता किसी के हाथ नही लगी है।

कोरोना की दवा के आभाव में अलग अलग देश इससे बचाव के लिए नई नई सुरक्षा नीतियाँ बना कर जनता को उसके पालन के लिए निर्देश दे रहे हैं। इस वायरस से पूरे विश्व मे बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। यह वायरस फेफड़ों पर इफेक्ट करके शरीर मे स्वास नली द्वारा प्रवेश करता है। मगर अब इस वायरस का एक नया लक्षण सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया है।

इस वायरस में पाया गया यह नया लक्षण केवल पुरुषों में ही मिलना संभव है। पिछले कुछ दिनों में ही कोरोना का यह नया लक्षण देखने को मिला है। बता दें कि तुर्की के एक व्यक्ति को कई दिनों से अंडकोष में दर्द बना हुआ था। उस पुरुष को यह सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन लगा मगर दर्द कम न होने पर वह डॉक्टर के पास गया। और से जब वह हॉस्पिटल पहुँचा तो वहां उसका कोविड 19 का टेस्ट करवाया गया जिसकी रिपोर्ट पोसिटिव आई। जबकि इस व्यक्ति के शरीर में कोरोना से संबंधित कोई अन्य लक्षण थे ही नही।

49 वर्षीय इस व्यक्ति के अंडकोषों में कई दिनों से दर्द बना हुआ था साथ ही लेफ्ट टेस्टिकल में सूजन भी थी। इनको यह दर्द गर्मियों के मौसम में शुरू हुआ था। फिर बीच मे यह हल्का हो गया था । अब सूजन और दर्द बढ़ने पर जब इस व्यक्ति ने डॉक्टर को दिखावा तो यह कोरोना संक्रमित निकल आया।

डॉक्टर भी कोरोना का यह नया लक्षण देख कर अचंभित रह गए। एक रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना हर व्यक्ति के मुताबिक अपने लक्षण में परिवर्तन कर ले रहा है। साइंटिस्ट भी इस बात को लेकर चिंतित हैं यदि कोरोना अंडकोष में पहुँच गया यह वीर्य की संख्या में कमी कर सकता है। अभी तक इस तरह के संक्रमण के बहुत कम मामले सामने आए हैं। इस बात को अभी तक पुख्ता नही किया जा सका है कि कोरोना वायरस वीर्य ले जाने वाले फ्लूड ( सीमेन) में मौजूद है या नही।

इस शख्स का इलाजे इस्तांबुल के असीबाडेम मेहमत अली अयदिनलार यूनिवर्सिटी में डॉ हाकन ओजेवरी कर रहे हैं। डाक्टर ने बताया कि शख्स की जांच में यह सामने आया है कि अंडकोष की तरह जाने वाली स्पर्म मैटिक कॉर्ड अधिक नरम पढ़ गई है। उन्होंने कहा अधिकतर कोरोना वायरस स्वास प्रणाली पर असर करता है पर यह पहला मामला है जब इस तरह अंडकोष में कोरोना का संक्रमण पाया गया है। डॉ हाकन ने कहा कि दुनिया भर के डॉक्टरों को कोरोना संक्रमण के इस लक्षण पर भी काम करना चाहिए।