दूध बेचने वाले का बेटा महज 22 साल की उम्र में बिना कोचिंग किये क्रैक किया UPSC एग्जाम, बना IAS

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IAS Success Story – हर व्यक्ति के मन में यह चाह होती है कि वह एक दिन एक बड़ा अधिकारी बने और अपने समाज की सेवा करें और अपने इस सपने को हक़ीक़त में बदलने के लिए इंसान कितनी भी मेहनत कर लेता है और एक न एक दिन उसे सफलता हासिल भी हो जाती है। बिहार के मुकुंद कुमार झा (Mukund Kumar Jha) ने भी बहुत छोटी उम्र में और अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की है।

कंपटीशन के क्षेत्र में जो सबसे कठिन परीक्षा होती है वह होती है यूपीएससी की परीक्षा। जिसमें शामिल होना हर किसी की इच्छा होती है और कोई-कोई व्यक्ति तो इतना भाग्यशाली होता है जो अपने पहले ही प्रयास में इसमें सफलता हासिल कर लेता है।

आप यहां IAS मुकुंद कुमार झा द्वारा Delhi Knowledge Track को दिए गए इंटरव्यू का वीडियो भी देख सकते हैं

मुकुंद कुमार झा (Mukund Kumar Jha) के पिता जिनका नाम मनोज ठाकुर है। वह एक सुधा डेयरी का बूथ चलाते है और उनकी माता ममता देवी जो हाउस वाइफ है। लेकिन एक सामान्य परिवार का होने के बावजूद भी मुकंद की पढ़ाई में उनके माता-पिता ने कोई कसर नहीं छोड़ी। पढ़ाई के लिये उनके माता-पिता ने ज़मीन तक बेच दिया।

मुकुंद ने अपनी शुरुआती शिक्षा गाँव से ही प्राप्त की। लेकिन उसके बाद उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय, गुवाहाटी में हो गया। जहाँ उन्होंने अपने 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की। 12वीं में उन्हें बहुत अच्छे अंक प्राप्त हुए। नवोदय विद्यालय से 12वीं की शिक्षा प्राप्त करने के बाद वह दिल्ली चले आए और वहाँ के पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स से उन्होंने अपना ग्रेजुएशन पूरा किया।

वैसे मुकुंद जब 12वीं में थे तभी उन्होंने यह फ़ैसला कर चुके थे कि उन्हें आगे चलकर यूपीएससी एग्जाम ही क्लियर करना है और वह शुरू से ही इसकी तैयारी में लग भी गए और अपने कॉलेज के दौरान ही मुकुंद अपने शिक्षकों और सीनियर्स से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के बारे में जानकारियाँ इकट्ठी करनी शुरू कर दी। उन्होंने कभी यह नहीं सोचा कि ग्रेजुएशन करने के बाद ही वह इसकी तैयारी में लगेंगे।

उसी वक़्त से उन्होंने मेहनत करनी शुरू कर दी। उनकी यह मेहनत रंग भी लाई, जब वर्ष 2019 में जिसका परिणाम अगस्त 2020 में आया, उसमे उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा पास कर ली। अपने इस एग्जाम में उन्होंने 54 वी रैंक हासिल की।

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यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए मुकुंद ने कहा कि “इस परीक्षा में सफल होने के लिए सबसे पहले आपके पास एक उद्देश्य होना चाहिए। जब आप अपना उद्देश्य तय कर लेंगे तभी आप उस पद की अहमियत को समझ सकेंगे।” इन बातों के साथ-साथ उन्होंने यह भी कहा कि इस परीक्षा में सफल होने के लिए इसके सिलेबस का ध्यान होना बहुत ज़रूरी है।

कई बार ऐसा होता है कि कैंडिडेट चार-पांच बार इस एग्जाम को दे चुके होते हैं लेकिन उन्हें-उन्हें ठीक ढंग से सिलेबस के बारे में भी नहीं पता होता है। इसलिए सबसे पहले इसके पैटर्न को जाने और समझे। मुकुंद ने कहा कि सिलेबस को जानने के बाद का जो प्रोसेस होता है वह होता है पिछले सभी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र को अच्छे ढंग से देखना। जिससे पता चल सके कि इस एग्जाम में किस तरह से प्रश्न पूछे जाते हैं।

उन्होंने यूपीएससी के छात्रों को सुझाव के तौर पर कहा कि सभी छात्रों को प्री एग्जाम और मेंस जिस तरह के सामान्य विषय के प्रश्न पूछे जाते हैं उनकी तैयारी बेहतर ढंग से करनी चाहिए। आपका बीच मज़बूत होना चाहिए। वरना आप कभी इस परीक्षा में सफल नहीं हो सकेंगे और इंटरव्यू के लिए तो ख़ुद को मानसिक तौर पर तैयार रखें, क्योंकि इसमें किताबी प्रश्न से ज़्यादा आपके मानसिक ज्ञान की परीक्षा ली जाती है।

मुकुंद के इस बेजोड़ सफलता पर उनकी माँ ने ख़ुशी के आंसू बहाते हुए कहा कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी ज़िन्दगी में इतनी खुशियाँ आएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि मेरे बेटे ने मेरा जीवन सफल बना दिया। हमें गर्व है अपने बेटे पर। जिसने हमारे मेहनत करे ने अपनी सफलता से चुकाया।