SC ने लोन मोरेटोरियम मामले में दी बड़ी राहत, सरकार से कहा-इस साल आम आदमी की दीवाली आपके हाथ

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सुप्रीम कोर्ट ने लोन मोरेटोरियम मामले की सुनवाई करते हुए आम आदमी को बड़ी राहत दी है और 15 नवंबर 2020 तक ब्याज पर ब्याज नहीं देना का फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि अधिस्थगन सुविधा का लाभ लेने वाले लोगों को 15 नवंबर 2020 तक ब्याज पर ब्याज नहीं देना होगा। किसी भी ऋण खाते को 15 नवंबर तक नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) घोषित नहीं किया जा सकता है। क्योंकि हम इसे प्रतिबंधित कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि केंद्र सरकार को ब्‍याज पर ब्‍याज माफी स्‍कीम को जल्‍द से जल्‍द लागू करना चाहिए। इसके लिए केंद्र को एक महीने का वक्त क्यों चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही कहा कि अगर सरकार इस पर फैसला ले लेगी तो हम तुरंत आदेश पारित कर देंगे। इस मामले पर सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलीसीटर जनरल ने कहा कि सभी लोन अलग-अलग तरीके से दिए गए हैं। इसलिए सभी से अलग-अलग तरीके से निपटना होगा। दरअसल सरकार ने कोर्ट को 2 करोड़ रुपए तक के लोन पर चक्रवृद्धि ब्याज माफ करने की बात कही थी। लेकिन अब तक इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। केंद्र की तरफ से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता कहा कि 15 नवंबर तक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीं बैंकों के संगठन IBA का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने इसे एक समय लेने वाली प्रक्रिया बताया।

वहीं इस पूरे मामले पर जस्टिस अशोक भूषण ने नाराजगी जातई और कहा कि सरकार ने एक फैसला लिया। लेकिन उसे लागू करने में देरी हो रही है। बेंच के सदस्य जस्टिस एम आर शाह ने कहा कि ये अच्छी बात है कि सरकार ने आम कर्जदारों की तकलीफ को समझा। लेकिन फैसला जल्द से जल्द लागू होना चाहिए। इस साल आम आदमी की दीवाली आपके हाथ में है।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के कारण देश में सरकार ने लॉकडाउन लगाया था। जिसके कारण कारोबारियों और कंपनियों को काफी नुकसान हुआ था। यहां तक की कई लोगों की नौकरी तक चले गई थी। ऐसे में जिन लोगों ने लोन लिया थास उन्हें ब्याज देना मुश्किल हो रहा थी। जिसके चलते रिजर्व बैंक ने लोन मोरेटोरियम की पेशकश की थी और लोन पर किस्तें टाल दी गई थीं। इसके तहत किसी लोन पर मोरेटोरियम का लाभ लेते हुए, किस्त नहीं चुकाई गई तो उस अवधि का ब्याज मूलधन में जुड़ा जाएगा। यानी मूलधन में ब्याज को जोड़कर उसपर ब्याज लिया जाएगा। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होने वाली है।