मध्‍यप्रदेश में कमलनाथ की कुर्सी पर संकट, कांग्रेस की यह महिला नेता ले सकती है जगह

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मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के बाद अब कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर खींचतान शुरू हो गई हे । पूर्व सीएम कमलनाथ के बाद कांग्रेस अपनी महिला नेता के नाम पर विचार कर रही है ।

New Delhi, Nov 24: मध्‍य प्रदेश में हाल ही में 28 विधानसभा सीट के उपचुनाव हुए हैं, जिसमें भले ही कांग्रेस 19 सीटों पर हार गई हो, लेकिन एक सीट पर कांग्रेस की जीत से उसका उत्‍साह बना हुआ है । उपचुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वालीसीट थी, डबरा विधानसभा । जहां, कांग्रेस ने बीजेपी को हराते हुए अपना कब्जा जमाया । इस सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया की समर्थक मंत्री इमरती देवी मैदान में थीं, लेकिन उन्‍हें हार का सामना करना पड़ा । कांग्रेस के सुरेश राजे ने उन्हें 7000 से ज्यादा वोटों से हरा दिया।

डबरा जीत का सेहरा इनके सिर
उपचुनावों में सबसे चर्चा में रही डबरा सीट पर कांग्रेस की जीत का सेहरा इस सीट पर पार्टी की प्रभारी रहीं विजयलक्ष्मी साधो का रहा है, ऐसे में अब खबर ये भी आ रही है कि विजयलक्ष्मी साधो को डबरा सीट जिताने का इनाम मिल सकता है । कमलनाथ अगर नेता प्रतिपक्ष पद छोड़ते हैं तो विजयलक्ष्मी साधो नेता प्रतिपक्ष बन सकती हैं । प्रदेश में कांग्रेस के अन्‍य दिग्गजों को पछाड़ते हुए विजयलक्ष्मी साधो नेता प्रतिपक्ष पद की मजबूत दावेदार हो गई हैं ।

कमलनाथ-दिग्विजय समर्थक भी हैं मैदान में
वहीं  उपचुनाव के बाद कमलनाथ के नेता प्रतिपक्ष पद छोड़ने की अटकलें जब से शुरू हुई हैं, कांग्रेस के दूसरे दिग्गज नेता भी इस पद के लिए लॉबिंग में जुट गए हैं । कमलनाथ के समर्थक सज्जन सिंह वर्मा, एनपी प्रजापति, बाला बच्चन का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है । जबकि दिग्विजय सिंह के समर्थक डॉक्टर गोविंद सिंह भी नेता प्रतिपक्ष के प्रबल दावेदार हैं । लेकिन, उपचुनाव के नतीजों के बाद अब आगे किसी तरह की गुटबाजी को थामने के लिए विजयलक्ष्मी साधो को ही विधानसभा में विपक्ष के नेता की कमान सौंपे जाने की खबर है । साधो, का भोपाल से लेकर दिल्ली तक संपर्क है ।

महिला चेहरा दे सकता है फायदा
बहरहाल ये लगभग तय माना जा रहा है कि, उपचुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष के साथ नेता प्रतिपक्ष की कमान संभाल रहे कमलनाथ को पार्टी दोहरी जिम्मेदारी से मुक्त कर सकती है, या फिर वो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे, लेकिन नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ देंगे । उपचुनाव के चलते ही उन्‍होंने पार्टी में गुटबाजी को थामने के लिए दोहरी जिम्मेदारी संभालने का काम किया था । लेकिन अब विजयलक्ष्मी साधो का नाम सबसे ऊपर आ गया है ।