राज्यपाल के ‘सेकुलर’ कहे जाने पर तिलमिलाए उद्धव ठाकरे, बोले -आपके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं

0
0

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा लिखे गए पत्र पर अब सियासत की जा रही है और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल को खूब खरी खोटी सुनाई है। दरअसल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को धार्मिक स्थल खोलने को लेकर एक पत्र राज्यपाल ने लिखा था। जिसपर शिवसेना काफी विवाद कर रही है और इस पत्र के जवाब में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी एक पत्र राज्यपाल को लिखा है। इस पत्र में राज्यपाल पर काफी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

क्या है पूरा विवाद

कोरोना के कारण महाराष्ट्र सरकार ने अपने राज्य में मंदिर खोलने की अनुमति नहीं दी है। जिसके चलते बीजेपी राज्य भर में मंदिर खोलने के लिए सांकेतिक भूख हड़ताल कर रही है। इस मुद्दे पर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री ठाकरे को पत्र लिखा था और उनसे कहा था कि क्या आप अचानक से सेक्युलर हो गए?’ सोमवार को गवर्नर कोश्यारी ने पत्र लिखकर कहा था कि दिल्ली में 8 जून से और कुछ दूसरे शहरों जून के आखिर से ही धार्मिक स्थल खुल गए हैं और वहां पर कोविड के मामलों में बढ़ोतरी नहीं देखी गई है।

कोविड गाइडलाइंस के साथ धार्मिक स्थलों को दोबारा खोलने की तुरंत घोषणा करनी चाहिए। पत्र में इन्होंने आगे लिखा कि आप हिंदुत्व के बड़े तरफदार रहे हैं। आपने अयोध्या जाकर भगवान राम के लिए अपना समर्पण सार्वजनिक रूप से जाहिर किया था। आपने पंढरपुर में विट्ठल रुक्मिणी मंदिर के दर्शन किए थे और आषाढ़ी एकादशी पर पूजा की थी। मैं समझना चाह रहा हूं कि क्या आपको धार्मिक स्थलों को दोबारा खोलने की प्रकिया को बार-बार टालने के लिए कोई दिव्य संदेश मिल रहा है या फिर आप खुद सेकुलर बन चुके हैं, जो कभी आपको खुद कभी पसंद नहीं था?’ ये विडंबना है कि सरकार ने बार, रेस्टोरेंट और बीच वगैरह को खोलने की अनुमति दे दी है लेकिन दूसरी ओर हमारे देवी-देवताओं कौ लॉकडाउन में रखा गया है।

राज्यपाल के इस पत्र पर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जवाब देते हुए एक पत्र लिखा गया। जिसमें उद्धव ठाकरे ने कहा है कि पत्र में मेरे हिंदुत्व का उल्लेख करना गलत है। हिंदुत्व के लिए मुझे आपके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। अपने पत्र में ठाकरे ने कहा कि मेरे राज्य की राजधानी को पाक अधिकृत कश्मीर कहने वालों को हंसते हुए घर में स्वागत करना मेरे हिंदुत्व में नहीं बैठता है। मंदिरों को दोबारा खोलने में देरी करना ‘सेकुलरिज्म का सवाल नहीं है। क्या राज्यपाल अपनी संवैधानिक शपथ भूल गए हैं?

गौरतलब है कि कंगना ने मुंबई की तुलना पाक अधिकृत कश्मीर से की थी। जिसके बाद राज्यपाल ने कंगना रनौत से मुलाकात की थी। इस मुलाकात का जिक्र ठाकरे ने इस पत्र में किया है।