काॅमेडियन भारती को इस नशे की क्या जरूरत पड़ती होगी, सबको हँसाने वाली का नशे में डूबने का क्या कारण होगा

0
47

एक काॅमेडियन अपने निजी दुख दर्द को अलग रखकर पूरी दुनिया को हंसाता है और दुनिया भी हंसी के नशे में डूबती-सी लगती है। लेकिन अगर काॅमेडियन खुद ही नशेड़ी बन जाए तो बाकी दुनिया को क्या करना चाहिए? आपको बता दें कि यह अहम सवाल बाॅलीवुड की स्टार काॅमेडियन भारती सिंह और उनके पति की ड्रग्स मामले में गिरफ्तारी के बाद कोर्ट द्वारा उन्हें 4 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद उठ रहा है।
भारती और उनके पति को एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) ने गांजा सेवन करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। बता दें कि एनसीबी के मुताबिक भारती के घर से गांजा मिला है और उन्होंने यह बात कबूली है कि वो गांजे का सेवन करती हैं। लिहाजा इस दंपती के खिलाफ नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टैंस (एनडीपीएस) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भारती सिंह की ड्रग्स मामले में गिरफ्तारी के बाद देश में स्टैंड-अप काॅमेडी के दौर में उभर कर आए तमाम काॅमेडियनों में खलबली मच गई है और वो भी शक के दायरे में आ गए हैं। इनमें से कुछ ने सफाई भी दी है। लेकिन जनता में संदेश यही है कि बाॅलीवुड तो ड्रग्स की चपेट में था ही, लोगों को हंसी बांटने वाले काॅमेडियन भी नशे की दुनिया से दूर नहीं है।

दरअसल यह पूरा मामला ‘जाते थे जापान पहुंच गए चीन’ जैसा है। कहां तो इस साल जून में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत के बाद उन्हें न्याय दिलाने के लिए सोशल मीडिया में लंबा अभियान चला। रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी हुई। मुंबई पुलिस को घेरा गया। कंगना और शिवसेना में तू तू-मैं मैं हुई। बीएमसी ने उनका ऑफिस ढहा दिया। पूरा प्रकरण सीबीआई को जांच के लिए सौंपा गया।

आपको बता दें कि उसी दौरान इस काॅलम में आंशका व्यक्त की गई थी कि यह पूरा मामला बिहार चुनाव को ध्यान में रखकर उछाला गया है। 10 नवंबर के बाद इसका कोई नामलेवा नहीं रहेगा। वही होता दिख रहा है। बिहार में भाजपा का मकसद पूरा हो गया। वह सत्ता में लौट आई है। सीबीआई ने भी इस मामले में अब तक क्या जांच की, किसी को नहीं पता।

सुशांत के परिजन भी परिदृश्य से गायब हैं। बता दें कि लेकिन सुशांत की मौत की जांच के चक्कर में बाॅलीवुड का दूसरा चेहरा जरूर दुनिया के सामने आ गया। सीबीआई की जगह नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के हाथ लाॅटरी लग गई। खुलासा हुआ कि एक्टर तो क्या काॅमेडियन भी ड्रग्स के शिकार हैं।

बताया जाता है कि भारती और उनके पति हर्ष लिंबाचिया ने स्वीकार किया है कि वो गांजे का नशा करते हैं। इसके बाद जाने-माने स्टैंड-अप काॅमेडियन राजू श्रीवास्तव ने कहा कि इस केस से पूरी काॅमेडी इंडस्ट्री पर दाग लग गया है। भारती को यह सब करने की क्या जरूरत थी?

काॅमेडियन सुनील पाल ने कहा कि यकीन नहीं हो रहा कि काम का नशा करने वाली लड़की कभी ऐसा सी ग्रेड नशा भी करेगी। एक अन्य काॅमेडियन परितोष ने कहा कि भारती की खबर सामने आने के बाद मेरे घर वाले मुझ पर भी शक करने लगे हैं।

भारती सिंह का केस इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वो एक बहुत गरीब परिवार से आकर देश की पहली फीमेल स्टैंड-अप काॅमेडी स्टार बनी। 36 वर्षीय भारती नेपाली पिता और पंजाबी मां की संतान हैं। उनके पिता बचपन में ही गुजर गए थे। मां ने बड़ी मुश्किल से अपनी तीन संतानों को पाला। भारती सिंह काॅमेडी लाॅफ्टर चैलेंज से उभर कर आई। उन्होंने अपने मोटापे को भी अपनी ताकत बना लिया। वहीं जीवटता से संघर्ष करने वाली भारती आज खुद नशे की शिकार है, यह खुलासा भी बहुतों को निराश करने वाला है।

यह सवाल यह है कि आखिर कोई काॅमेडियन नशा क्यों करता है, बल्कि यूं कहें कि उसे ऐसा करने की क्या जरूरत है? क्योंकि फिल्म या मंच पर तो काॅमेडी पूरे होशो-हवास में करनी होती है। हर कलाकार या अभिनेता काॅमेडी नहीं कर सकता। लोगों को हंसाने के लिए आपकी सही डायलाॅग डिलीवरी और टाइमिंग की जरूरत होती है। तभी अभिनय के साथ पंच उठते हैं। लोग जीभर के हंसते हैं।

वैसे भी किसी को हंसाना रूलाने से ज्यादा कठिन है। हंसी के इन ठहाकों में काॅमेडियन की निजी जिंदगी के दर्द डीजे के शोर में शहनाई के सुर की तरह दब जाते हैं। लेकिन काॅमेडियन इस बात का कभी बुरा नहीं मानता। वह हमेशा यही चाहता है कि वो जैसे ही खड़ा हो, लोग मुस्कुराने लगें।