Eco-friendly: अब चमड़े की बजाए मशरूम से बनेंगे जूते -हैंडबैग्स-कपड़े, जाने पूरा मामला

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पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि फैशन की सभी चीज़ें जैसे जूते, बैग्स, कपड़े को बनाने के लिए चमड़े की बजाए मशरूम का इस्तेमाल किया जा सकेगा. इतना ही नहीं, शोधकर्ताओं ने कहा कि चमड़े को अगर कोई टक्कर दे सकता है तो वह कोई सख्त पदार्थ जैसे मशरूम ही हो सकता है क्यूंकि, मशरूम को दबाया जा सकता है और किसी भी आकार का बनाकर इस्तेमाल किया जा सकता है.

हालांकि, चमड़े से बने जूते-कपड़े-हैंडबैग्स के लिए जानवरों और सिंथेटिक पॉलीमर का इस्तेमाल होता है जो हमारे पर्यावरण के लिए बुरा है क्यूंकि, इसके लिए काफी सारी ज़मीन और संसाधन के साथ-साथ कार्बन डाइऑक्साइड जैसे ग्रीनहाउस गैसों का उत्पादन होता है.

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ऑस्ट्रिया के राजधानी में बने वियना विश्वविद्यालय से अध्ययन के सेह लेखक प्रोफेसर अलेक्जेंडर बिस्मार्क ने बताया कि ये वो जगह है जहां मशरूम से चमड़े जैसा पदार्थ खेलने में काम आता है यह सामान्य रूप से बायोडिग्रेडेबल हैं. बता दें, बायोमास की पूरी शीट को तैयार होने में हफ़्तों का वक़्त लगता है.

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इस रिसर्च के इंचार्ज प्रोफेसर बिस्मार्क ने बताया कि परिणाम के तौर पर कवक बायोमास की यह शीट चमड़े की तरह दिखती है और इसके स्पर्श गुणों को प्रदर्शित करती है. इतना ही नहीं, बायोटेक कंपनियां तो पहले से ही कवक से प्राप्त होने वाली सामग्री की मार्केटिंग कर रही हैं. जानकारी के लिए बता दें, शोधकर्ताओं ने मशरूम के इस इन्सुलेशन के लिए कागज और फोम जैसी निर्माण सामग्री भी तैयार कर ली है.