चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली छात्रा ने बदला बयान, पिछले साल लगाया था रेप का आरोप

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पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद उर्फ कृष्णपाल सिंह पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली पीड़िता अपने बयान से पलट गई है। मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय के सामने पीड़िता ने रेप की बात से इंकार कर दिया है। जिसके बाद पीड़िता के वकील ने उसके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 340 के तहत अदालत में केस दर्ज करने की एक अर्जी दाखिल की है।

पिछले साल लगाया था रेप का आरोप

यूपी के शाहजहांपुर में रहने वाली एलएलएम छात्रा ने पिछले साल चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाए था। ये छात्रा स्वामी शुकदेवानंद लॉ कॉलेज से एलएलएम की पढ़ाई कर रही थी। इस छात्रा का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें ये चिन्मयानंद पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगा रही थी। आपको बता दें कि जिस कॉलेज से ये पढ़ाई कर रही थी, वो कॉलेज चिन्मयानंद का ही है।

छात्रा का ये वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित के पिता ने शाहजहांपुर स्थित कोतवाली में चिन्मयानंद के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। यौन शोषण के आरोपी में चिन्मयानंद को 20 सितंबर 2019 को एसआईटी ने यूपी पुलिस के साथ मिलकर गिरफ्तार किया था। इस मामले में 4 नवंबर 2019 को एसआईटी ने चिन्मयानंद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी और उन पर आईपीसी की धाराएं 376(सी), 354(डी), 342 व 506 लगाई गई थीं।

वहीं इसी साल 3 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस केस को शाहजहांपुर जिला अदालत से लखनऊ एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था। जिसके बाद एमपी-एमएलए कोर्ट में इस केस की सुनवाई चल रही थी। वहीं मंगलवार को इस केस की सुनवाई के दौरान पीड़िता अपने बयान से पलट गई हैं। जिसके बाद पीड़िता के वकील ने उसपर ही केस दर्ज कर दिया है।

पीड़िता पर लगा रंगदारी का आरोप

चिन्मयानंद की ओर से पीड़िता पर ब्लैकमेल कर रंगदारी मांगने के आरोप भी लगाया गया है। जिसपर कोर्ट में सुनवाई अभी चल रही है। चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह ने दावा किया था कि एक अज्ञात मोबाइल नंबर से 5 करोड़ रुपए रंगदारी मांगने गई थी। जिसके बाद उन्होंने ये केस दर्ज करवाया।

लगाया समझौता करने का आरोप

बयान से पलटने पर अभियोजन ने पीड़िता को पक्षद्रोही घोषित किया है। उसके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 340 के तहत मुकदमे की एक अर्जी भी दाखिल की है। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय ने अभियोजन की इस अर्जी को स्वीकार कर लिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी। सरकारी वकील अभय त्रिपाठी ने अपनी अर्जी में कहा है कि पांच सितंबर 2019 को पीड़िता ने खुद इस मामले की एफआईआर नई दिल्ली के लोधी कॉलोनी थाने में दर्ज कराई थी। जिसके बाद पीड़िता के पिता ने दिल्ली की FIR को शाहजहांपुर में दर्ज कराई गई FIR के साथ मर्ज किया था। पीड़िता ने मैजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया था। इन दोनों बयानों में इसने रेप की बात कही थी। लेकिन बीते 9 अक्टूबर को अदालत में इस मामले की गवाही के दौरान ये जानबूझकर बयान से पलट गई। इसने आरोपी के साथ समझौता कर लिया है।