IMF ने कहा भारतीय अर्थव्यवस्था लौट रही है पटरी पर, 2021 में 8.8 प्रतिशत तक बढ़ेगी जीडीपी

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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) ने आने वाले साल में भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से रिकवरी होने की बात कही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से बाई-एनुअल वर्ल्ड इकोनॉमी आउटलुक में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 10.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा सकती है। लेकिन एक अनुमान के तहत अगले वित्तीय वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था अच्छी हो सकती है। अगले साल शायद भारत की अर्थव्यवस्था 8.8 फीसदी गति से बढ़े और ये दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था फिर से बन जाए।

RBI ने भी कही थी तेज रिकवरी की बात 

भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की ओर से भी यहीं बता हाल ही में कही गई थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने उम्मीद जताई थी कि भारतीय अर्थव्यवस्था में तेज रिकवरी होगी। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक में ये उम्मीद जताई है कि जनवरी-मार्च 2021 यानी चालू वित्त वर्ष के अंतिम और चौथी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ पॉजिटिव होगी। आरबीआई गवर्नर ने ये भी अनुमान लगाया कि था चालू वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी ग्रोथ शून्य से 9.5 फीसदी नीचे रह सकती है।

वहीं अब आईएमएफ ने कहा है कि इस साल सभी इमर्जिंग मार्केट और डेवलपिंग इकोनॉमी में गिरावट की आशंका है। इसमें खासतौर पर भारत और इंडोनेशिया जैसी बड़ी इकोनॉमी शामिल हैं। आईएमएफ के अनुसार भारत की जीडीपी इस साल 10.3% तक गिर सकती है। जबकि 2021 में इसमें 8.8% ग्रोथ का अनुमान है। इससे पहले जून में आईएमएफ ने कहा था कि भारत की जीडीपी में 4.5% की गिरावट हो सकती है।

आपको बता दें कि कोरोना वायरस के कारण दुनिया के हर देश की जीडीपी पर असर पड़ा है और भारत सहित दुनिया की अर्थव्यवस्था पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने ये अनुमान जाहिर किया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार इस दौरान चीन की जीडीपी 8.2 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। विश्व बैंक ने भी अपनी साउथ एशिया इकनोमिक फोकस रिपोर्ट में कहा था कि चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी शून्य से 9.6 फीसदी रह सकती है। जबकि एडीबी ने भी चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी 9 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।