ये है पीके और ममता दीदी का ‘मास्टर प्लान’, इसलिये बिहार छोड़ बना रहे थे रणनीति!

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प्रशांत किशोर की कंपनी आईपैक बहुत पहले से ही इस अभियान की तैयारी में लगी है, उनके सैकड़ों कार्यकर्ता दिन रात ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के लिये काम कर रहे हैं।

New Delhi, Nov 22 : अगले साल बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव पर नजर रखते हुए सीएम ममता बनर्जी बहुत जल्द एक बड़ा जन अभियान शुरु करने वाली हैं, पिछले दस साल में ममता दीदी ने जो काम किये हैं, उसे जन-जन तक पहुंचाने के लिये इस अभियान की शुरुआत होने जा रही है, इस जनअभियान में ममता बनर्जी के साथ चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी होंगे, दोनों की जोड़ी बंगाल चुनाव में जीत की कितनी गारंटी देती है, पीके बिहार चुनाव से इस बार गायब रहे, और ऐसा इसलिये हुआ क्योंकि वो काफी पहले से ममता बनर्जी के लिये रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।

पीके टीएमसी के लिये काम कर रहे
प्रशांत किशोर की कंपनी आईपैक बहुत पहले से ही इस अभियान की तैयारी में लगी है, उनके सैकड़ों कार्यकर्ता दिन रात ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के लिये काम कर रहे हैं, पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक टीएमसी के इस जनअभियान को बंगोध्वनि का नाम दिया गया है, यानी कि बंगाल की आवाज, इस अभियान के तहत टीएमसी कार्यकर्ता बंगाल के 78908 बूथ तक पहुंचेंगे, तथा ममता की सरकार के काम का लेखा-जोखा पेश करेंगे। इस अभियान का मकसद ये है कि टीएमसी कार्यकर्ता घर-घर जाएं और लोगों से फीडबैक लें, उनकी शिकायतें सुनें, ताकि उसी आधार पर पार्टी काम करे, और चुनाव की रणनीति बनाएं, बंगाल बीजेपी ने भी ऐसा ही एक अभियान शुरु किया है, इस काम में केन्द्रीय टीम के कई बड़े नेता डायरेक्ट फीडबैक ले रहे हैं।

घर-घर का दौरा
ममता बनर्जी के इस चुनावी अभियान में टीएमसी कार्यकर्ता घर-घर का दौरा करेंगे, उनके साथ पीके की कंपनी के सदस्य भी होंगे, जो लोगों के फीडबैक लेंगे, हर इलाके के किसी खास तथा प्रभावी व्यक्ति के साथ मीटिंग किये जाने का प्लान है, ताकि उनके सहारे ज्यादा से ज्यादा वोट जुटाया जा सके, अगले साल अप्रैल-मई में बंगाल की 294 सीटों पर चुनाव प्रस्तावित है, टीएमसी ने प्रदेश की पिछड़ी जातियों को अपने पाले में खीचनें के लिये पहले ही अभियान चला रखा है, जिसका मकसद बीजेपी को दलित विरोधी बताकर पिछड़ी जाति के लोगों को टीएमसी से जोड़ना है।

दो फेज में अभियान
तृणमूल का ये अभियान दो फेज में चलेगा, जिसमें 2 हजार कार्यकर्ता लगेंगे और लोगों के घर-घर पहुंचेंगे, 10 हजार से ज्यादा घरों में रहने वाले 1 करोड़ से भी ज्यादा लोगों तक पहुंचने की योजना है, ये सभी लोग दलित परिवारों से हैं, mamta जिनसे संपर्क कर सरकार के काम बताये जाएंगे, बीजेपी की रणनीतियों से सावधान रहने की अपील की जाएगी, इससे पहले भी पीके दो अभियान शुरु कर चुकी हैं, जिनके नाम हैं दीदी के बोलो (दीदी से बोलो) और बंगलार गोरबो ममता (बंगाल की गर्व ममता), आपको बता दें कि बंगाल में कभी बीजेपी का शासन नहीं रहा, लेकिन लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 42 में से 18 सीटें जीत ली है, जिसके बाद ममता बनर्जी अपने किले को और मजबूत करने में जुट गई है।.