देश भर में कैसे बटेगी कोरोना वैक्सीन, पीएम मोदी ने रणनीति को लेकर की अहम बैठक

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत की कोविड-19 वैक्सीन संबंधी रणनीति की समीक्षा के लिए बैठक की. जिसमें कोरोना वायरस के लिए वैक्सीन को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए तकनीकी प्लेटफॉर्म और जनसंख्या समूहों को प्राथमिकता देने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया कि बैठक में टीका विकास की प्रगति, नियामक मंजूरियों और खरीद से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई.

पीएम मोदी ने कहा, ‘जनसंख्या समूहों को प्राथमिकता देना, स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं तक पहुंच, शीत गृह ढांचे को मजबूत करना, टीके लगाने वाले लोगों की संख्या बढ़ाना और टीकों को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए तकनीक प्लेटफॉर्म जैसे अनेक मुद्दों की समीक्षा की गई.’ कोविड-19 के अनेक संभावित टीकों के विकास का काम अग्रिम चरणों में है.

आपको बता दें कि दुनिया भर में दर्जनों शीर्ष कंपनियां कोरोना वायरस वैक्सीन विकसित करने की होड़ में लगी हैं. कोरोना वायरस संक्रमण के चलते वैश्विक स्तर पर 10 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. फाइजर, मॉडर्ना और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ कई सारी वैक्सीन ट्रायल के अंतिम दौर में हैं और कई सारी कंपनियों ने दावा किया है कि उनकी वैक्सीन 90 फीसदी से ज्यादा प्रभावी हैं.
भारत द्वारा निर्मित कोरोना वायरस वैक्सीन कोवाक्सिन के मानव परीक्षण का तीसरा दौर चल रहा है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कोवाक्सिन के परीक्षण का तीसरा चरण ओड़िशा में शुक्रवार को शुरू हुआ. इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च ने ओड़िशा में कोवाक्सिन के ट्रायल के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और एसयूएम हॉस्पिटल को चुना है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने गुरुवार को कहा कि अगले साल फरवरी तक ऑक्सफोर्ड की कोविड वैक्सीन स्वास्थ्य कर्मियों और बुजुर्गों के लिए उपलब्ध होगी, जबकि आम जनता के लिए इसे अप्रैल तक उपलब्ध करा दिया जाएगा.

पूनावाला ने कहा कि वैक्सीन के दो टीके का उच्चतम मूल्य एक हजार रूपया हो सकता है. हालांकि फाइनल ट्रायल और रेगुलेटरी अप्रूवल के आधार पर इसके डोज और मूल्य निर्धारित किए जाएंगे.