गीता की इन 15 खास बातों में है आपकी हर परेशानी का हल, बेहद खास है श्रीकृष्ण का यह ज्ञान

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भारतीय संस्कृति परंपरा आस्था और पवित्र ग्रंथों का प्रतीक है भारतीय संस्कृति के इतिहास को बयां करते इन ग्रंथों में से श्रीमद्भगवद्गीता भी एक है श्रीमद्भागवत गीता हिंदुओं के पवित्र ग्रंथों का एक अहम अभिन्न अंग है इस ग्रंथ में जीवन का पूरा सर दिया गया है साथी ग्रंथ में जीवन की हर परेशानी का समाधान बेहद शांतिपूर्ण और समाज ढंग से समझाया गया है ऐसे में आज हम आपको भगवत गीता के 18 अध्याय के कुल 15 बातें बताएंगे जो कि बेहद अहम हैं।

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गीता की 15 खास बातों

1 – श्रीमद भगवत गीता महाभारत में छंदों का सबसे महत्वपूर्ण संग्रह माना जाता है।

2- विश्व भर में हिंदू भगवत गीता से परिचित और इसे पढ़े सभी लोगों ने इसे हर पीढ़ी के लिए बेहद महान बताया है। साथ ही इस के हर पड़ाव को जिंदगी के हर उतार चढाव से भी जोड़ा है।

3 – गीता भगवान श्री कृष्ण द्वारा युद्ध और जीवन के अर्थ को समझाने के लिए अर्जुन को दिए गए उपदेशों की श्रृंखला पर आधारित है।

4 – महाभारत इस बात की पुष्टि करता है कि भगवान श्री कृष्ण ने 3137 ईसवी पूर्व कुरुक्षेत्र के युद्ध में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। विशेष जोशी संदर्भ के मुताबिक 35 साल की लड़ाई के बाद वर्ष 3102 ईस वी पूर्व के कलयुग में इसकी शुरुआत हुई थी।

5 – श्रीमद्भगवद्गीता पांडव राजकुमार अर्जुन और उसके सारथी बने श्री कृष्ण के बीच का एक महाकाव्य संवाद है।

6 – भगवत गीता में कुल 18 अध्याय हैं, जिनमें 700 छंद है। तीन हिस्सों में विभाजित है, जिसमें प्रत्येक हिस्से में 66 अध्याय को लिखा गया है।

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7 – नंबर 18 महाभारत में कई जगह प्रयोग होता है। दरअसल नंबर 18 का मतलब संस्कृत में जया होता है, जिसका शाब्दिक अर्थ बलिदान से है। भारतीय संस्कृति में इसका बेहद महत्व है। 18 त्यौहार, गीता में 18 अध्याय अक्षौहिणी अर्थात अट्ठारह जरासंघ का 18 बार आक्रमण और कहा जाता है कि पांडवों के पास 11 अक्षौहिणी सेना थी और कौरवों के पास 7 अक्षौहिणी सेना था तो कुल मिलाकर 18 हुए। इस प्रकार गीता के 18 अध्यायों में 18 अंक का भारतीय संस्कृति में बेहद गहरा महत्व हैं।

8 – वहीं इस पर अल्बर्ट आइंस्टाइन ने अपने जीवन की आखिरी वर्षों में भगवत गीता में निहित बुद्धिमता में आत्मसात शुरू कर दिया था उन्होंने कहा था कि मुझे अपने जीवन के प्रारंभिक दिनों में ही भगवत गीता में लिप्त हो जाना चाहिए था ऐसा ना करने पर मुझे आज भी खेद हैं।

9 – भगवत गीता का पहला अंग्रेजी अनुवाद साल 1785 में चार्ल्स विल्कंस ने लंदन में किया था।

10 – यह बात बेहद गौर करने वाली है कि भगवत गीता का सार बेहद कम लोगों को पता होता है। दरअसल कृष्ण वाणी अनुसार धर्म की सभी कस्मों को त्याग कर मुझे और सिर्फ मुझे…अपने आप को आत्मा समर्पित करते है। बहुत कम लोग इस निष्कर्ष को समझ पाते हैं। इसलिए तथ्य बहुत से कम लोगों को ही पता होता है।

11 – दरअसल भगवत गीता को गीता क्यों कहा गया है इसके पीछे भी एक उपदेश जुड़ा है। क्योंकि यह एक ऐसे स्केल पर बोला गया जिससे Anushatp कहा जाता है। यानी प्रत्येक छंद में 32 अक्षर है। मूलत यह चार-चार पंक्तियों में विभाजित है, जिसमें 8 अक्षर है एक विशेष छंद Trishatp स्केल का प्रयोग किया गया है, जिसमें हर प्रकार से हर 4 पंक्तियों में 11-11 अक्षर है।

12 – सिर्फ अर्जुन ने ही नहीं बल्कि युद्ध से जुड़े और तीन ने सीधे कृष्ण वाणी में गीता के उपदेश सुने थे। इनमें संजय, हनुमान और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक का नाम भी शामिल है।

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13 – भगवत गीता मूल्य तय शास्त्रीय संस्कृत में लिखा गया है। परंतु इसे अब तक 175 भाषाओं में अनुवादित किया जा चुका है।

14 – आज भी गीता को सच के प्रतीक पर दुनिया भर में जाना जाता है। दरअसल कोर्ट में खाई जाने वाली कसम गीता और कुरान पर खाते हुए ही दिखाई जाती है। दरअसल ऐसा सिर्फ फिल्मों में होता है असल दुनिया में नहीं। असल दुनिया में यह नियम 170 साल पहले खत्म हो चुका था लेकिन फिल्मों में आज भी यह सिलसिला जारी है।

(दरअसल इसके तार अंग्रेजी सोच से जुड़े अंग्रेजों ने देश की कल्चर और संस्कृति के प्रतिभा गुप्ता को देखते हुए यह नियम बना लिया था अंग्रेजों का मानना था कि गीता और कुरान की कसम खाकर झूठ नहीं बोल सकते क्योंकि भारत के लोगों में धार्मिकता का एक अलग महत्व है)

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15 – गीता के असल मायने में मानसिक शांति, सौभाग्य, मौत से डरना बेकार है, मौत का असल मायने में अर्थ, आत्मा का भौतिक संसार से आध्यात्मिक संसार में जाना, कर्म, भगवान और सत्य के बीच जुड़ाव, साथ ही एक प्राणी का दूसरी प्राणी के प्रति भावनाओं का जुड़ाव इन सब के बारे में जानकारी दी गई है।

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यह छंद और पंक्तियां भगवत गीता के 18 अध्यायाओं की 15 खास बातों का हिस्सा है। इन्हें जानने के साथ ही आप भगवत गीता को बेहद बारीकी से जान सकते हैं। वही आप इनके बारे में अगर विस्तार से जाना चाहते हैं तो आपको भगवत गीता पढ़नी होगी। इसमें आपको जीवन का पूरा सार मिलेगा जो कि आपके जीवन के हर पड़ाव पर बेहद काम कर साबित होगा।