बेटियों को बुधवार के दिन नही भेजा जाता है ससुराल,इसके पीछे की वजह जानना है बेहद जरूरी

0
5




दोस्तों सनातन धर्म के अनेक रस्मों रिवाज और परम्पराओं को सभी के द्वारा माना जाता है। और आज भी यह मान्यताएं उतनी प्रचलित हैं जितनी कि पहले के समय मे थी। यू तो बुधवार को शुभता के प्रतीक गणपति जी का दिन माना जाता है लेकिन ऐसी मान्यता है कि बुधवार के लिए दिन विवाहिता पुत्री को विदा नही करना चाहिए। शादीशुदा बेटी को उसके ससुराल नही भेजना चाहिए।

 

यू तो बुधवार को कई चीजों से परहेज करने की बात कही जाती है बहुत से ऐसे काम हैं जो बुधवार के दिन नही करना चाहिए पर एक हम बेटियों की विदाई के मुद्दे को लेकर चर्चा कर रहे हैं। हिंदू परम्परा में बेटी को बुधवार के दिन ससुराल भेजना शुभ नही माना जाता है। यह अपशकुन का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में भी विवाहिता बेटी को बुधवार के दिन ससुराल भेजने को अशुभ माना गया है।

ऐसा माना जाता है कि बुधवार को यदि बेटी को ससुराल विदा किया है तो उसके साथ रास्ते मे कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। इसके साथ ही बेटी के संबंध उसके ससुराल वालों से खराब होने की भी संभावना बन जाती है। इन मान्यताओं से जुड़े कारणों का उल्लेख भी शास्त्रों में मिल जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह चंद्रमा ग्रह को अपना शत्रु मानते हैं। लेकिन चंद्रमा बुध को शत्रु नही मानते हैं। चंद्र यात्रा का कारण होते हैं और बुध करोबार नौकरी आय और व्यय आदि को संचालित करते हैं। इसलिये ऐसा माना जाता है कि बुधवार वाले दिन बेटी को ससुराल नही भेजना चाहिए। क्योंकि ऐसे में दुर्घटना के योग बन जाते हैं। इसके अलावा बुधवार को साली ,बुआ और शादीशुदा बहन को अपने घर मे आमंत्रित भी नही करना चाहिए।

कुछ और भी बातें हैं जो बुधवार को करने से बचना चाहिए जैसे कि किन्नर का मजाक नही बनाना चाहिए, इस दिन उन्हें कुछ भी उपहार स्वरूप भेंट करना चाहिए। कुमारी छोटी कन्या को कुछ उपहार देना चाहिए। इस दिन दूध को जलाने का काम नही करना चाहिए अर्थात ऐसी कोई चीज नही बनानी चाहिए जिसमें दूध जलता हो जैसे रबड़ी, खीर आदि।