इसे कहते हैं कृष्ण-सुदामा जैसी यारी! दोस्त की हालत देख स्कूल के पक्के यार ने तोहफे में दिया घर

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कहते है दुनिया में खून से बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता मगर एक रिश्ता ऐसा भी होता है जो खून से बड़ा माना जाता है. वो है दोस्ती का. जब दोस्ती की बात आए तो कृष्ण-सुदामा की जोड़ी को हमेशा याद किया जाता है. ऐसे में तमिलनाडु के पुदुकोट्टई से एक मामला सामने आया है, जहां मुत्थुकुमार और के. नागेंद्रन नाम के दो दोस्त जिन्हे कलयुग के कृष्ण और सुदामा का दर्जा दिया गया है.

बता दें, महंगाई के इस ज़माने में जहां अपना घर बनाना इतना मुश्किल हो गया है, वहीं एक पुराने दोस्त ने अपने दोस्त की बुरी हालत देखते हुए उसे एक नया घर ही बनवा दिया.

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हालांकि दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जो हमे भगवान से नहीं बल्कि इसे हम खुद बनाते है और आज के दौर में सच्चा दोस्त मिलना ही किस्मत की बात होती है. दोस्त सच्चा और अच्छा हो तो आपके सुख-दुःख में हमेशा साथ रहेगा. भले ही आपके जीवन में कोई भी परेशानी क्यों ना आ जाए, वह हमेशा आपकी मदद को तैयार रहते हैं.

ऐसे ही तमिलनाडु के पुदुकोट्टई के रहने वाले दो दोस्त मुत्थुकुमार और के. नागेंद्रन हैं. दरअसल, कोरोना महामारी के चलते मुत्थुकुमार का पूरा जीवन बर्बाद हो गया. पहले उनसे उनकी नौकरी छिन गई जिसके बाद उनकी कमाई जो 15,000 रुपय थी, वहीं घटकर 1-2 हजार रुपए ही रह गई.

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इतना ही नहीं, तमिलनाडु में आए गाजा तूफान के कारण उनका घर भी तहस-नहस हो गया. घर टूटने के बाद मजबूरन उन्हें झुग्गी में रहना पड़ा.

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एक दिन मुत्थुकुमार अपनी स्कूल टीचर से मिलने उनके घर गए, जहां उनकी मुलाक़ात उनके दोस्त नागेंद्रन से हुई. नागेंद्रन उनके स्कूल के दोस्त थे, उनसे मिलकर मुत्थुकुमार बहुत खुश हुए और उन्होंने नागेंद्रन को घर आने का न्यौता भी दिया.

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नागेंद्रन जब मुत्थुकुमार के घर पहुंचे और उनकी ऐसी हालत देखी तो उन्हें काफी दुःख हुआ और उन्होंने TECL हायर सेकेंडरी के दोस्तों के व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए फंड जुटाया और फिर उन पैसों से मुत्थुकुमार के लिए एक नया घर बनवाया और उन्हें सरप्राइज़ दिया.