अमेरिका ने दिखाई चीन को औकात, सीधा सीमा में घुसे बमवर्षक विमान, गर्जना से थर्राया आसमान

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अमेरिका में भले राजनीतिक हालात अभी स्थिर ना हुए हों, लेकिन चीन को लेकर रुख टस से मस नहीं हुआ है । आगे पढ़ें यूएस ने एक बार फिर कैसे चीन को चेताया है ।

New Delhi, Nov 19: अमेरिका में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी संकट जारी है, लेकिन चीन को लेकर रुख बिलकुल स्‍पष्‍ट है । फ्लाइट मॉनीटर एयरक्राफ्ट स्पॉट्स के मुताबिक अमेरिका ने हाल ही में चीन के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में दो लंबी-रेंज वाले बमवर्षक विमान भेजे थे । मकसद चीन को चेताना था । अमेरिका का यह कदम एक तरह से चीन को खुली चेतावनी मानी जा रही है कि अगर वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो अमरीकी सेना उसे घर में घुसकर मारने की क्षमता रखती है ।

सबसे बड़ा बम वर्षक जेट
फ्लाइट मॉनीटर एयरक्राफ्ट स्पॉट्स की ओर से आई जानकारी के अनुसार अमेरिका की ओर से दो यूएसए F B-1 बमवर्षक विमानों ने चीन के ADIZ में प्रवेश किया था और भारी गर्जन कर कुछ देर बाद ही वापस लौट आये । आपको बता दें कि B1-B में किसी भी बमवर्षक की तुलना में सबसे बड़ा पेलोड है, अमेरिकी सेना इसका इस्‍तेमाल पहले से करती आ रही है ।

कड़ी चेतावनी
अमेरिका की ओर से भेजा गया ये भारी बमवर्षक विमान साफ तौर पर चीन को चेतावनी थी । स्‍पष्‍ट है कि इस तरह के भारी विमानों को जासूसी मिशन पर तैनात नहीं किया जाता है । एयरक्राफ्ट स्पॉट्स के ट्वीट के अनुसार यूएस विमानों की आखिरी लोकेशन पूर्वी चीन सागर में चीन के हवाई क्षेत्र में थी । यानी कि एक स्‍पष्‍ट संकेत चीन को भेजा गया कि उस पर भी हमला हो सकता है ।

चीन के प्रति बदलेगा रुख
अमेरिका लंबे समय से पूर्वी एशिया में शांति और संतुलन बनाये रखने के मिशन पर है । उसकी ओर से चीनी सीमा में विमान भेजकर एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया गया है, कि आंतिरक सियासी संकट से देश की नीति प्रभावित नहीं हुई है । हालांकि खबरें लगातार आ रही हैं कि  डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव हारने के बाद जो बाइडेन का रुख चीन के प्रति कुछ नरम हो सकता है । अब जो बाइडन जब सत्‍ता में आएंगे इसका पता तो तभी चल पाएगा ।