‘बचूदादा ढाबा’ के बाबा पिछले 40 वर्षों से खिलाते हैं लोगों को फ्री में खाना, कोई भी भूखा नहीं लौटता

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गुजरात राज्य के मोरबी शहर में 74 साल के बचु दादा है जो पिछले 40 सालों से एक ढाबा चला रहे हैं और इस ढाबे का नाम बचू दादा ढाबा है. उनके ढाबे की खास बात यह है कि कोई उनके ढाबे से भूखे पेट नहीं जाता है. फिर चाहे वह कोई गरीब हो, असहाय हो या जिसपर पैसे न हो… बचु दादा उन्हें फ्री में ही खाना खिलाते हैं और यह नेक काम वह पिछले 40 सालों से करते आ रहे हैं.

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कहावत है न कि अगर कोई आपकी मुश्किल समय पर मदद करे या फिर किसी भूखे को खाना खिलाए तो वह इंसान किसी फरिश्ते से कम नहीं होता है मगर गुजरात के बचु दादा ने उम्र के इस पड़ाव पर असंभव को भी संभव बनाया है. खासकर ऐसे लोगों की मदद करके जिन्हे भूके पेट ही सोना पड़ता है.

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बता दें, बचु दादा यह ढाबा अकेले ही चला रहे हैं. पहले उनकी मदद करने वाली उनकी पत्नी उनके साथ थी मगर 10 माह पहले ही उनकी पत्नी का निधन हो गया. दादा के इस ढाबे की ख़ास स्पेशलिटी है, उनकी थाली… जिसकी कीमत सिर्फ 40 रूपए है. इस थाली में तीन सब्जियां, रोटी, दाल, चावल, पापड़ के साथ छाछ भी मौजूद है.

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बचू दादा के ढाबे के नज़दीक कई गरीब लोग भी रहते हैं जिनके पास खाने तक के पैसे नहीं होते और उन्हें भूखे पेट ही सोने पर मजबूर होना पड़ता, ऐसे में दादा उन सभी गरीबो को खाना खिलाते हैं और उनसे पैसे तक नहीं लेते. यह नेक काम करते वक़्त दादा कहते हैं कि उनके ढाबे से कोई भूखा नहीं जाना चाहिए. चाहे पैसे हो, चाहे न हो मगर मेरे रहते किसी का भी पेट खाली नहीं रहना चाहिए.`