नीतीश कुमार का वो फैसला, जिससे कई मुसलमान नाखुश हो गये है

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नीतीश कुमार एक बहुत ही बड़े और जाने माने नेता के तौर पर उभरे है और जिस तरह की उनकी छवि रही है उनको हर कोई काफी ज्यादा मानता भी है क्योंकि उनका राजनीतिक संघर्ष काफी ज्यादा लंबा है और वैसे देखे तो उनकी छवि कोई बीजेपी की तरह ज्यादा हिन्दू से जुडी हुई भी नही रही है लेकिन इस बार उनकी जो सरकार है उससे मुस्लिम वर्ग थोडा सा नाखुश है और इसके पीछे एक छोटी मोटी नही बल्कि काफी तगड़ी वजह है और इस बात को कोई भी नजरअंदाज नही कर पा रहा है.

दरअसल ऐसा पहली बार हो रहा है जब नीतीश कुमार ने अपनी सरकार का गठन किया है और एक भी मुस्लिम व्यक्ति को मंत्री पद नही दिया है. हाँ बाकी सब वर्गो और अल्पसंख्यक जातियों को भी पद मिले है लेकिन सिर्फ मुस्लिमो से कोई भी प्रतिनिधि नीतीश केबिनेट में इस बार नजर नही आया है.

इस कारण कांग्रेस पार्टी ने भी नीतीश कुमार को घेरा है मगर नीतीश अब इस पर कुछ भी कहने से बच रहे है. दरअसल इसके पीछे का कारण माना जा रहा है ओवैसी को. बिहार में जहाँ जहाँ पर ओवैसी ने अपने केंडीडेट उतारे है वहां पर उनको मुस्लिम से अच्छे खासे और भारी वोट मिले है जिससे कई सीट्स पर वो जीते भी है और इससे पता चलता है कि इस बार जेडीयू और मुस्लिम वर्ग के बीच में जो एक धागा था वो टूट सा गया है.

एक राजनीतिक वजह ये भी हो सकती है और बाकी किसे कितना प्रतिनिधित्व देना है और किसको मंत्री पद देना है ये तो वैसे भी एक मुख्यमंत्री का ही अधिकार क्षेत्र होता है तो ऐसे में कुछ कहना करना भी सही नही ही होगा अभी नीतीश आगे इस पर क्या कुछ बदलाव करते है या फिर नही देखना होगा.