एक बार फिर सख्त लॉकडाउन के लिए तैयार सरकार, जानिये इस बार क्या है बंद और क्या खुला

0
4

दुनिया भर के ज्यादातर देश इस समय कोरोना महामारी की चपेट में है। ऐसे में भारत भी इससे अछूता नहीं है। वहीं भारत की राजधानी दिल्ली में कोरोना महामारी लगातार अपने पैर पसार रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली सरकार, केंद्र और सभी एजेंसियों राष्ट्रीय राजधानी को इनकी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रफ्तार से काम कर रही है। केजरीवाल ने कहा कि हमने केंद्र सरकार को कई क्षेत्रों में दुबारा लॉकडाउन लगाने के लिए एक प्रस्ताव भेजा हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली उत्सव के दौरान सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते महामारी के प्रसार में तेजी आ सकती है। ऐसे में फिर से लॉकडाउन लगाने की आवश्यकता है।

Social Media

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने इसी के तहत केंद्र सरकार से दिल्ली में दोबारा लॉकडाउन लगाने की मांग की है। इसके साथ ही इस दौरान लॉकडाउन में क्या खुला रहेगा और क्या कुछ बंद हो सकता है हम आपको बताते हैं।

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने लॉकडाउन को लेकर सबसे पहली बात शादी समारोह को लेकर कही है। दरअसल शादी का सीजन आने वाला है। ऐसे में शादी समारोह को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार के उपराज्यपाल को शादी समारोह में अब 200 के बजाय केवल 50 लोगों की संख्या को शामिल होने को सीमित करने का फरमान जारी किया गया है।

Social Media

बात दिल्ली के बाजारों की करे तो कोरोना वायरस संक्रमण मामलों में आई तेजी के मद्देनजर हजारों सार्वजनिक परिवहन सेवाओं और सरकारी दफ्तरों को बंद किया जा सकता है। इस मामले पर कांग्रेस ने भी अपना पक्ष जाहिर करते हुए इसे सही फैसला बताया है।

Social Media

तो वहीं सरकार के इस फैसले को कई बड़े कारोबारी एक बार फिर आर्थिक मंदी की मार का नाम दे रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि पिछले लॉकडाउन में हुए नुकसान से ही अब तक नहीं उबर पाए हैं। ऐसे में दोबारा लॉकडाउन करना आर्थिक स्तर पर खतरा साबित हो सकता है।

जहां एक ओर सरकार के इस फैसले का सरोजनी नगर बाजार के महासचिव अशोक रंधावा ने विरोध किया है, तो वही चांदनी चौक व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय भार्गव ने सरकार के फैसले का समर्थन किया है और उन्होंने सरकार कोरोना लड़ाई में सरकार का साथ देने की बात कही है।

Social Media

दिल्ली के कंटेनमेंट जोन और जोखिम वाले इलाकों में संक्रमण के मामलों का पता लगाने के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने का फैसला किया गया है। इसके लिए सरकार ने करीबन 7000 से 8000 लोगों की टीम तैनात की है। इस बारे में नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यबल के मुताबिक आईसीयू बेड की क्षमता भी बढ़ा दी गई है। अगले कुछ दिनों में यह क्षमता 3,523 से बढ़कर 6,000 कर दी जाएगी।

बता दे राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। बात बीते 24 घंटे के आंकड़ों की करें तो बीते 24 घंटे में दिल्ली में 6,396 कोरोना के मामले सामने आए हैं। वहीं बीते 24 घंटे में 99 लोगों की महामारी से मौत हो गई है।