Bhai Dooj 2020 : भाई दूज पूजा व‍िध‍ि, शुभ मुहूर्त, मंत्र, जानें यहां सब कुछ

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नई दिल्ली: दीपावी के दो द‍िन बाद पूरे देश में भाई-बहन के र‍िश्‍ते का प्रतीक भैया दूज (Bhai Dooj ) पर्व मनाया जाता है। इस पर्व को यम द्वितीया भी कहा जाता है। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्‍ल पक्ष की द्वितीय त‍िथि को मनाया जाता है। इस पर्व का बहन-भाईयों को बड़ी उत्‍सुकता से इंतजार रहता है। बहनें जहां इस दिन अपने भाईयों की लंबी उम्र की कामना से पूजा करती हैं। वहीं भाई अपनी बहनों को उनका साथ निभाने का न सिर्फ वचन देते हैं बल्कि तोहफे देकर उनके चेहरों पर भी मुस्‍कान बिखरते हैं। तो आइए इस पर्व से जुड़ी सारी बातें व‍िस्‍तार से जानते हैं…

जानिए पूजा विधि
भाई दूज के द‍िन भाई-बहन के ल‍िए यमुना में स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। लेकिन यदि यमुना में स्नान कर पाना संभव न हो तो घर पर सुबह उठकर स्नान कर तैयार हो जाएं। सबसे पहले बहन-भाई दोनों मिलकर यम, चित्रगुप्त और यम के दूतों की पूजा करें और सबको अर्घ्य दें। इसके बाद बहन अपने भाई को घी और चावल का टीका लगाती हैं। फिर भाई की हथेली पर सिंदूर, पान, सुपारी और सूखा नारियल यानी गोला रखती हैं। फिर भाई के हाथ पर कलावा बांधकर उनका मुंह मीठा कराएं। इसके बाद अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करें।

भाई दूज का शुभ मुहूर्त
भाई दूज तिलक का समय दोपहर 1 बजकर 10 म‍िनट से 3 बजकर 18 म‍िनट तक। 01:10 बजे से 03:18 बजे तक। इसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ 16 नवंबर 2020 को सुबह 07:06 बजे से लगेगी। यह 17 नवंबर 2020 को सुबह 03:56 बजे तक रहेगी।

अपने भाई को देखते ही यमुना ने हर्ष−विभोर होकर उनका स्वागत सत्कार किया तथा भोजन करवाया। इससे प्रसन्न होकर यमराज ने बहन से वर मांगने को कहा। बहन ने भाई से कहा कि आप प्रतिवर्ष इस दिन मेरे यहां भोजन करने आया करेंगे तथा इस दिन जो बहन अपने भाई को टीका करके भोजन खिलाएं, उसे आपका भय न रहे। यमराज तथास्तु कहकर यमुना को अमूल्य वस्त्राभूषण देकर यमपुरी चले गए। ऐसी मान्यता है कि भाई दूज के दिन जो भाई यमुना में स्नान करके पूरी श्रद्धा से अपनी बहनों के आतिथ्य को स्वीकार करते हैं, उन्हें यम का भय नहीं रहता।

जानिए भाई दूज पूजा मंत्र
भाई दूज के द‍िन पूजा के दौरान भाई की लंबी उम्र की कामना करते हुए ‘गंगा पूजे यमुना को यमी पूजे यमराज को, सुभद्रा पूजा कृष्‍ण को, गंगा-यमुना नीर बहे मेरे भाई की आयु बढ़े’ मंत्र का जप करना चाह‍िए। ध्‍यान रखें भाई के माथे पर त‍िलक हमेशा सीधे हाथ के अंगूठे से ही करें। इससे भाई की आयु, तो बढ़ेगी ही साथ ही उसकी आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। इतना ही नहीं, अंगूठे से तिलक लगाने पर भाई की सेहत भी अच्‍छी रहती है।