सुबह से शाम हो गयी लेकिन नही बिके बूढी अम्मा के दिये, तो पुलिस अफसर ने किया ऐसा काम

0
20




दिवाली का त्यौहार बीता है और कही न कही ये पर्व ऐसा है जो लोगो के ह्रदय और मन में एक बात अक्सर ही रहती है कि हर किसी की दिवाली अच्छे से ही बीते लेकिन अच्छी दिवाली मनाने के लिए लोगो के जेब में पैसा भी तो होना चाहिए और इस वजह से बहुतो की दिवाली लोगो पर ही निर्भर होती है. अब आप मिर्जापुर का एक उदाहरण ही देख लीजिये यहाँ के एक बाजार में एक बूढी अम्मा बैठी हुई थी सुबह से शाम हो गयी लेकिन उनके दिये की कोई खास बिक्री ही नही हुई जिससे वो काफी दुखी थी.

इसी दौरान वहाँ से शहर के एसपी गुजर रहे थे और जब वो गुजर रहे थे तो उस दौरान उन्होंने पाया कि वो काफी उदास है और उनसे रहा नही गया तो वो जाकर के उससे बात करने लग गये और तब जाकर के उसकी सारी बात खुलकर के सामने आयी.

बस इसी बात पर एसपी सिटी ने उस महिला के सारे के सारे दिये सही कीमत पर खरीद लिए और वो सब अपने साथ के जवानो में बाँट दिए कि दिवाली है आप घर जाकर के दिवाली मनाइए. इससे बूढी अम्मा काफी खुश हो गयी क्योंकि उनके पास जो पैसे की जरूरत थी वो पूरी हो गयी और जो दीपक वो लेकर के आयी थी वो भी बिक गये, भला अब उन्हें और क्या ही चाहिए?

कही न कही इस घटना से पुलिस की एक नरमदिली भी सामने आती है जिसको हम लोग अक्सर ही इग्नोर कर जाते है और हमें ऐसा लगता है कि हम तो इन चीजो को लेकर के कोई ख़ास बात रखते नही है. मगर सच तो यही है कि पुलिस के वर्दी में भी इंसान ही होते है और जब उनका दिल पिघलता है तो वो भी उसी तरह से ही रियेक्ट करते है जैसे कोई आम आदमी या फिर इन्सान करता है.