कपल ने पांच लाख देकर Online मंगवाई बिल्ली, तीन महीने बाद पता चली जानवर की हकीकत

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अक्सर कई लोग होते हैं जिन्हें जानवरों को पालना काफी अच्छा लगता है। वे जानवरों के साथ अपना समय बिता कर काफी आराम महसूस करते हैं। कई बार तो पालतू जानवर लोगों के एंटरटेनमेंट का एक माध्यम भी बन जाता है। आज हम आपको एक ऐसी ही आश्चर्यजनक कहानी के बारे में बताने वाले हैं जिसकी हकीकत जानकर आप भी चौंक जाएंगे। फ्रांस में एक कपल ने अपने घर में एक जानवर को पालना चाहा और 6000 यूरो अर्थात भारतीय रुपयों के अनुसार ₹500000 में एक बिल्ली खरीदी। जब वह बिल्ली उनके करीब पहुंची तब वे लोग काफी चौक गए। रिपोर्ट के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार नारमेंडी के एक जोड़े द्वारा बिल्ली के लिए एक ऑनलाइन विज्ञापन देखा और उसे पालतू जानवर की तरह पालने का निश्चय कर लिया।

बिल्ली का बच्चा जानकर खरीद लिया लेकिन बाद में पता चली हकीकत, बिल्ली नहीं बल्कि निकला सुमात्रा टाइगर का एक बच्चा :

2018 में जब उन्होने बिल्ली के बच्चे को अपनाया तब कुछ एक हफ्ते बाद ही उन्हें ऐसा लगा जैसे यह बिल्ली नहीं बल्कि कोई जंगली जानवर है। बड़े होने पर उसके हाव-भाव में काफी अंतर देखने को मिल रहा था। आखिर में उन्हें यह पता चला कि यह बिल्ली का नहीं बल्कि एक बाघ का बच्चा है। उस दंपति ने इस बात का दावा किया कि उन्हें इस बात का बिल्कुल भी एहसास नहीं था कि जिस पशु को उन्होंने बिल्ली का बच्चा समझा था वह बिल्ली नहीं बल्कि वास्तव में इंडोनेशिया में पाया जाने वाला एक सुमात्रा टाइगर का बच्चा है।

फ्रांसीसी जैव विविधता कार्यालय को सौंप दिया गया जहां मिला उसे एक नया घर:

बता दें कि बिल्लियों को पालतू जानवर के रूप में स्वीकार किया जाता है लेकिन यदि दूसरी ओर देखा जाए तो बाघ एक संरक्षित प्रजाति के अंतर्गत आता है। बिना किसी कागजी कार्यवाही के उन्हें कोई अपने घर में नहीं रख सकता। उस दंपति ने इसे ऑनलाइन मंगवाया था लेकिन इस बात की जानकारी पहुंचने पर दंपति पर संरक्षित प्रजातियों की तस्करी का आरोप भी लगा दिया गया था लेकिन बाद में उन्हें पुलिस द्वारा रिहा कर दिया गया। इस बात के फैलने के बावजूद अब तक यह बात साफ नहीं हो पाया है कि फ्रांस में इस जानवर को कौन, कब और कैसे लाया। इस गंभीर विषय पर कई प्रकार की सुनवाई की गई एवं इस सुनवाई के बाद फ्रांसीसी जैव विविधता कार्यालय को यह पशु सौंप दिया गया और अंत में इसे एक नए घर के रूप में आश्रय दिया गया।