बीजेपी सांसद ने नीतीश के शराबबंदी को बताया फेल, की बड़ी मांग!

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बीजेपी सांसद ने शराबबंदी को फेल तथा करप्शन की वजह बताया, उन्होने शुक्रवार को ट्विटर पर नीतीश कुमार से आग्रह करते हुए लिखा, कि शराबबंदी कानून में कुछ संशोधन करें।

New Delhi, Nov 14 : बिहार में चुनाव संपन्न हो गये हैं, चुनाव संबंधी लगी आचार संहिता भी समाप्त हो गई है, चुनाव आयोग ने निर्वाचित विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंप दी है, अब सरकार बनाने को लेकर तैयारी शुरु हो चुकी है, मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका खुलासा खुद नीतीश कुमार ने एनडीए विधायकों के निर्णय पर डाल दिया है, ज्यादा संभावना फिर से नीतीश कुमार के सीएम बनने की है, इस बीच पड़ोसी राज्य झारखंड के गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने बिहार में शराबबंदी कानून में संशोधन कर ढीला करने का अनुरोध किया है।

फेल और भ्रष्टाचार की वजह
बीजेपी सांसद ने शराबबंदी को फेल तथा करप्शन की वजह बताया, उन्होने शुक्रवार को ट्विटर पर नीतीश कुमार से आग्रह करते हुए लिखा, कि शराबबंदी कानून में कुछ संशोधन करें, क्योंकि जिनको पीना या पिलाना है, वो नेपाल, बंगाल, झारखंड, यूपी, एमपी, छत्तीसगढ का रास्ता अपनाते हैं, इससे राजस्व की हानि, होटल उद्योग प्रभावित होता है, साथ ही पुलिस, आबकारी में भ्रष्टाचार को बढावा मिलता है।

मांग या गुजारिश का समर्थन
इनके कई चाहने वालों ने इनकी मांग या गुजारिश का समर्थन भी किया है, सुमित कुमार नाम के एक यूजर ने लिखा कि एकदम सही होगा, इसमें संशोधन क्योंकि इससे राजस्व के नुकसान का दबाव दूसरे चीजों पर है, जगह-जगह नकली शराब का कारोबार हो रहा है, Liquor पुलिस मालामाल हो रही है, एक लाख में थाना ट्रक खाली करवाता है, तो दूसरे यूजर ने लिखा, नीतीश कुमार अपनी गलती को मानते हुए बिहार में शराबबंदी खत्म किया जाए, पहले ही बिहार से शिक्षा तथा चिकित्सा में बहुत पैसा दूसरे प्रदेशों में जाता रहा है, अब शराबबंदी की वजह से दूसरे प्रदेशों में पैसा जा रहा है, साथ ही जनता का शोषण भी हो रहा है, अतः पुनः विचार करें।

क्या कहते हैं सीएम
हालांकि सीएम नीतीश कुमार इस बात को कई दफा दोहरा चुके है, कि मेरे सीएम रहते शराबबंदी कतई खत्म नहीं होगी, हाल में हुई उनकी सभाओं में भी उन्होने कई बार उल्लेख किया, कि शराब माफिया मुझे सीएम पद से हटाना चाहते हैं, लेकिन शराबबंदी से गरीबों के घर गुलजार हुए हैं, प्रदेश में अपराध घटे हैं, लोग रात में बेखौफ सड़कों पर निकलते हैं।