कोरोना की लड़ाई में भारत ने अमेरिका सहित बाकी सभी देशों को पछाड़ा, आंकड़ें दिखा रहे अच्छे दिन

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कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में उथल पुथल कर रखी है। इस महामारी से हर कोई परेशान है। दुनिया के सभी देश इसका कहर झेल रहे हैं। कोरोना आकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो महाशक्ति माना जाने वाला अमेरिका इस समय नंबर 1 स्थान पर है। वहीं भारत दूसरे स्थान पर है। हालांकि अच्छी बात ये है कि बाकी सभी देशों की तुलना में भारत कोरोना को हराने में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। भारत में प्रति दस लाख आबादी में कोरोना की चपेट में आने वाले, जान गंवाने वाले वाले लोगों का आकड़ा बाकी दूसरे देशों की तुलना में काफी पीछे है।

कोरोना के मामले में बाकी देशों से बेहतर है भारत

आसान शब्दों में कहे तो भारत में कोरोना के चलते होने वाली मौतों की रफ्तार बाकी देशों की तुलना में बहुत कम है। इसके साथ ही रिकवरी रेट की बात करें तो भारत इसमें बाकी देशों से कही ज्यादा आगे भी है।

दरअसल केंद्रीय परिवार और स्वास्थ्य मंत्रालय बुधवार को कुछ आकड़ें जारी किए हैं जिसमें ये खुलासा हुआ है। इन आकड़ों के मुताबिक प्रति दस लाख की आबादी पर संक्रमण में आने वाले लोगों की औसत संख्या 4794 है, जबकि मरने वालों की संख्या 138 है।

कोरोना वायरस से प्रति दस लाख की जनसंख्या पर सबसे ज्यादा असर पड़ने वाला देश ब्राजील है जिसमें औसत संख्या 23911 है। वहीं वहां मरने वाले भी सबसे अधिक 706 प्रति दस लाख आबादी है। याद दिला दें कि ब्राजील दुनियाभर में कोरोना महामारी में तीसरे नंबर पर आता है। भारत में इन अकड़ों को देखें तो यह संख्या क्रमश: 5199 और 79 है।

क्या है बाकी देशों का हाल?

अमेरिका को पूरे देश में सबसे शक्तिशाली देश कहा जाता है। लेकिन यहां प्रति दस लाख पर कोरोना पीड़ितों का औसत 23072 एवं मृतकों की संख्या 642 है। दक्षिण दक्षिण अफ्रीका की बात करें तो यहां ये आंकड़ा क्रमश: 11675 और 631 है। वहीं फ्रांस में 10838 तथा 498, रूस में 8992 और 300 और ब्रिटेन में 8893 और 156 है।

भारत में ढलान पर है कोरोना

भारत में पिछले कुछ दिनों साने आने वाले कोरोना मामलों में गिरावट देखी गई है। मंगलवार को ही इन आंकड़ों में गिरावट देखी गई थी। यब ये संख्या 55 हजार के आसपास थी। यह संख्या सोमवार को सामने आए आंकड़ों से 13 हजार के आसपास कम है। वहीं सितंबर माह में कोरोना भारत के अंदर जिस तरह तेजी से बढ़ रहा था उसके मुकाबले अक्टूबर में आने वाले आंकड़ें सुकून देने वाले हैं।

उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही ये भारत से पूरी तरह चला जाएगा।