पुलिस अफसरों ने भिखारी को ठंड में कांपते देख रोकी गाडी, पास गये तो उसकी हकीकत जान उड़े होश

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अक्सर हम लोगो के सामने जिन्दगी से जुडी हुई कुछ एक चीजे ऐसी सामने आ जाती है जो काफी ज्यादा हैरान भी करती है और एक बार के लिए तो लोग भी उस पर यकीन कर नही पाते है. ऐसा ही कुछ अभी हाल ही में ग्वालियर में सडक किनारे दो पुलिस अफसरों के साथ में हुआ जिन्होंने एक व्यक्ति में ऐसा इंसान पाया जिसकी कल्पना भी शायद संभव न थी. ये बात है मतगणना की रात की जब डीएसपी रत्नेश सिंह तोमर और विजय सिंह भदौरिया दोनों ही अपने काम पर थे तभी गुजरते हुए उन्होंने एक व्यक्ति को सडक किनारे देखा.

इस पर वो दोनों उसके पास में गये और इसके बाद में उन्होंने उसे जैकेट और जूते दिए ताकि उसकी कुछ मदद हो सके लेकिन जब वो उसको सामान देकर के वापिस जाने लगे तो पीछे से उस भिखारी ने विजय सिंह भदौरिया को उसके नाम से पुकारा.

इस पर वो हैरान होकर के वापिस लौटे और उसको पहचानने की कोशिश की तो तो तो मनीष मिश्रा निकला. मनीष मिश्रा भी एक वक्त में सब इंस्पेक्टर के पद पर इन दोनों अफसरों के साथ ही भर्ती हुए थे लेकिन बीच में उनकी मानसिक स्थिति खराब हो गयी और फिर उनकी हालत ऐसी हो गयी कि वो सडको किनारे ऐसे इस हालत में घूम रहे है. इस घटना ने कही न कही उन सभी लोगो को हैरान कर दिया कि आखिर ये सब हो क्या रहा है?

उन्होंने मनीष को अपने साथ चलने को कहा लेकिन उसने चलने से मना कर दिया और फिर उन्होंने उसकी मदद करने के लिए उसे एक समाज सेवी आश्रम में भेज दिया है जहाँ पर उसकी मदद की जायेगी और हो सका तो इलाज आदि भी अच्छे तरीके से किया जाएगा. कही न कही ये चीजे बताती है कि इंसान का काम और करियर कितना ही अच्छा हो, पर साथ में मेंटल हेल्थ होनी भी जरूरी है.