1000 करोड़ रुपये आखिर है किसके? छापे में इनकम टैक्स के अधिकारियों के भी उड़े होश गए हैं –

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इनकम टैक्‍स विभाग के द्वारा चेन्‍नई के एक आईटी इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर ग्रुप से मिली हुई इस मामले को मदुरै और चेन्‍नई समेत पांच ठिकानों पर छापा मारा है और एक बड़ा घोटाला होने का खुलासा हुआ है और आईटी विभाग द्वारा बताया गया है कि उन्हे करीब 1,000 करोड़ रुपये बरामद हुए है,उनका कोई भी हिसाब-किताब नहीं है।

 

इनकम टैक्‍स विभाग का यह भी कहना है कि उसे सिंगापुर में रजिस्‍टर कंपनी के संदिग्‍ध निवेश से जुड़े हुए बहुत सारे अहम सबूत मिले हैं । इसके अलावा दो और कंपनियां इस ग्रुप में शेयर होल्‍डर के तौर पर शामिल इसमें हैं। इसी एक ग्रुप की जांच पड़ताल पहले से ही आईटी विभाग कर रहा है।

दूसरी शेयर होल्‍डर भी इस कंपनी का एक जानेमाने इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेंट और फाइनेंशल ग्रुप भी इसमें सहयोगी है, और आईटी विभाग का कहना यह भी है कि जिस कंपनी पर छापा मारा गया है, उसके पास 72 पर्सेंट शेयर हैं, और उसमे मामूली निवेश भी किया गया है। बाकी के शेयर दूसरी कंपनी के पास ही हैं, उसका निवेश ज्‍यादा है। विभाग की ओर से यह भी बताया जा रहा है कि इस तरह लगभग 7 करोड़ डॉलर का फायदा हुआ है। यह लगभग 200 करोड़ भारतीय रुपयों के बराबर है। कंपनी ने इसकी जानकारी उजागर अभी नहीं की गई है।

इनकम टैक्‍स विभाग ने कहा, ‘इनकम टैक्‍स विभाग ने 4 नवंबर को चेन्‍नई और मदुरई में पांच जगहों पर छापे मारे है। अब जल्दी से जल्दी यह ब्लैकमनी ऐक्‍ट, 2015 के तहत कार्रवाई करने वाली है। यह मौजूदा निवेश का मूल्‍य 354 करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा का है।