हरियाणा के राजेंद्र से सीखें घर की बेकार चीजों से गार्डनिंग, फेसबुक के जरिए लोगों को देते हैं गार्डनिंग टिप्स

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ज़्यादातर लोग अपने घर में पुराने बर्तन, पुराने टायर, प्लास्टिक की बोतल जैसे सामान को फेंक दिया करते हैं या कबाड़ी को बेच देते हैं। तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इन्हीं पुराने सामानों में अपनी क्रिएटिविटी दिखाकर एक नया लुक दे देते हैं और उसे घर के डेकोरेशन के काम में लाते हैं। ऐसे ही हैं हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले राजेन्द्र सिंह, जिन्होंने बेकार पड़ी चीजों से 100 से अधिक गमले बनाए हैं।

राजेंद्र सिंह  (Rajendra singh) अपने घर में 2 हज़ार से भी अधिक गमले रखे हैं और उन में से 100 से ज़्यादा गमले उन्होंने पुरानी पड़ी चीजों जैसे पुराने टायर, टूटे हुए बर्तन, डब्बे, प्लास्टिक की बोतल, टाइल्स इत्यादि से बनाई है। बागबानी के शौकीन राजेंद्र अपने घर पर 400 से भी अधिक पौधे लगाए हैं।

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बागवानी को लेकर राजेंद्र का कहना है कि आपको बागवानी करने से पहले उसकी अच्छे से प्लानिंग कर लेनी चाहिए। आपको पहले यह भी फ़ैसला कर लेना चाहिए कि आपको किचन गार्डन लगाना है या टेरेस गार्डन, फूल लगाने हैं या फल-सब्ज़ी क्योंकि सबके तरीके अलग-अलग होते हैं। अगर आप बागवानी मैं नए है तो आपके लिए सबसे अच्छा होगा कि आप पहले जल्दी और आसानी से लगने वाले पौधों जैसे तुलसी, गुलाब, लिली इत्यादि को ही लगाएँ।

वह कहते हैं कि अगर आप किचन गार्डन लगाना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले नदी के रेत और गोबर के खाद को मिला कर मिट्टी तैयार कर लेना चाहिए। इस मिट्टी में एक-एक चम्मच नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम (Nitrogen, phosphorus, potassium) मिलाए। उसके बाद गोबर की जगह इसमे वर्मिकम्पोस्ट भी मिला सकते हैं, जिससे मिट्टी की भी गुणवत्ता बढ़ेगी।

शुरुआत में आप अपने गार्डेन में बीन्स, मूली, मेथी, लहसुन उगा सकते हैं। मिट्टी की उर्वरता को और बढ़ाने के लिए उसमें केले के पत्ते, अंडे के छिलके, चाय की पत्ती उसमे मिला सकते है। या पानी में हल्दी घोल कर उसका छिड़काव भी किया जा सकता हैं। अगर पौधे में कीड़े लगने की समस्या है तो पानी में शैम्पू घोल कर स्प्रे कर सकते हैं जिससे पौधों में कीड़े नहीं लगेंगे।

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बहुत लोग ऐसा भी सोचते हैं कि छत पर गार्डनिंग करने से या ज़्यादा गमला रखने से छत को हानी होगी। लेकिन इसके लिए भी आप ग्रो कीटस का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप पौधों में पानी देने के लिए ख़ुद से भी स्प्रिंकल सिस्टम बना सकते हैं। इसके लिए आप पाइप के एक सिरे को नल में लगाए और दूसरे सिरे को छेद किए हुए बोतल के मुंह में लगा कर टेप लगा दे।

बागवानी करने से पहले आपके कोशिश करें कि आप इसकी शुरुआत मध्य जनवरी से मध्य फरवरी या फिर 15 जुलाई से 15 अगस्त तक करे। इस मौसम में बागवानी करने से पौधों के खराब होने की समस्या कम हो जाती है और मौसम में नमी रहती है जिससे पौधों की ज़्यादा देखभाल नहीं करनी पड़ती हैं।

फेसबुक पर ग्रुप के जरिए 44000 लोगों को देते हैं बागवानी के टिप्स

राजेन्द्र सिंह ने अपने फ़ेसबुक पर टेरेस गार्डनिंग के नाम से एक ग्रुप भी बनाया है जिसमें लगभग 44000 सदस्य हैं। इस ग्रुप के जरिए राजेंद्र सभी लोगों को गार्डनिंग से जुड़ी हुई जानकारियाँ प्रदान करते हैं। आप भी उनके साथ इस ग्रुप में जुड़ सकते हैं और गार्डनिंग से जुड़ी हुई टिप्स ले सकते हैं