आलू प्याज को टोकरी में भूल से भी न रखें एक साथ, 90% लोग करते हैं यह ग़लती

0
2

भारतीय व्यंजनों में आलू – प्याज का उपयोग सबसे अधिक होता है। इसलिए महिलाएं इन्हें अधिक मात्रा में खरीद लंबे समय के लिए स्टोर कर के रखती हैं। आमतौर पर इसे टोकरी में किचन के अंदर या खुली जगह फैला कर रख दिया जाता है। लेकिन क्या ऐसा करना सही है? आखिर इन्हें स्टोर करने का सही तरीका क्या है? आईए जानते हैं।

आलू प्याज को फ्रिज में रखने से बचना चाहिए। प्याज से फ्रिज बदबू मारने लगती है और उसमें रखी अन्य सब्जियां भी खराब होने लगती है। आलू की बात करे तो इसमें एंटीऑक्सीडेंट अधिक होने की वजह से ये फ्रिज में रखने से खराब हो जाते हैं।

कुछ लोग आलू प्याज को एक ही टोकरी में या साथ में रख देते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। इन्हें साथ में रखने से आलू अंकुरित होने लगेंगे। साथ ही आलू का स्वाद भी खराब हो जाएगा। इन्हें अन्य फलों जैसे केले इत्यादि के साथ भी नहीं रखना चाहिए।

आलू कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, विटामिन बी6, विटामिन सी, फास्पफोरस, मैगनीज, मैग्नीशियम, पोटेशियम, कापर, फाइबर, थायमिन जैसे पोशाक तत्वों से भरपूर रहता है। यदि आप इनका लाभ उठाना चाहते हैं तो इसे सही ढंग से स्टोर कर के रखना बेहद जरूरी होता है। ऐसा न करे तो कई बार आलू हरे भी पड़ जाते हैं।

आलू को खुले में स्टोर करने से बचना चाहिए। इसे दराज, टोकरी, पेपर या बैम्बू वेजिटेबल स्टीमर में रखना चाहिए। शॉर्ट में समझाए तो इन्हें ऐसी जगह रखें जहां अंधेरा भी हो और हवा भी आती जाती रहे।

बहुत से लोग तो साल भर के प्याज एक साथ स्टोर करते हैं। लेकिन साल के खत्म होते होते उन्मे से आधे प्याज खराब हो जाते हैं। उनमें बदबू भी आने लगती है। इसलिए प्याज को स्टोर करने के पहले थोड़ा सूखा लेना चाहिए। इसे ऐसी जगह रखना चाहिए जहां सूरज की रोशनी और नमी दोनों न हो।

प्याज के तनें सूखने पर उनकी छटाई कर देनी चाहिए। प्याज को हमेशा 4 से 10° सेल्सियस तापमान वाली जगह स्टोर करना चाहिए। यदि आप प्याज को सुखी और अंधेरी जगह रखेंगे तो वह लंबे समय तक चलेंगे। इन्हें समय समय पर पलटना भी जरूरी है।

जिन प्याज को आप डेली इस्तेमाल करते हैं उन्हें एक पेपर बैग में रख उसमें छोटे छोटे छेद कर दें। इस तरह आपके प्याज ज्यादा समय तक ताजे बने रहेंगे। उनमें किसी प्रकार की सड़न नहीं लगेगी।

उम्मीद करते हैं कि आपको ये जानकारी पसंद आई होगी। इसे दूसरों के साथ शेयर करना न भूले।