तेजस्वी यादव का खेल बिगाड़ने के बाद ओवैसी ने क्या किया बड़ा ऐलान, जानिए ओवैसी का ‘Plan B’क्या है

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नई दिल्ली: बिहार विधान सभा चुनाव 2020  के नतीजों के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी चर्चा में हैं. आपको बता दूँ एनडीए और महागठबंधन की कांटे की टक्कर के बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने सीमांचल क्षेत्र में पांच सीटें जीती हैं. यह छोटी पार्टी के बड़े कमाल का संदेश है. सवाल उठता है औवैसी का अगला कदम क्या?

ओवैसी अब बंगाल में आजमाएंगे किस्मत

आपको बता दूँ बिहार में पांच सीट जीतने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं. ओवैसी अब बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल की यात्रा करना चाहते हैं. ओवेसी ने कहा है कि उनकी पार्टी अब बंगाल में भी चुनाव लड़ेगी. हैदराबाद में अपने बेटे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए ओवैसी ने कहा, ‘मैं बंगाल का चुनाव भी लड़ूंगा, क्या करेगा कोई?’

महागठबंधन से नाराजगी

बता दूँ ओवैसी महागठबंधन के आरोपों से नाराज हैं. महागठबंधन हार के लिए ओवैसी को जिम्मेदार ठहरा रहा है. इस पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, अगर बिहार चुनाव में हमारी वजह से महागठबंधन को नुकसान हुआ है तो फिर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में क्यों हार हुई? वहां तो हमारी पार्टी चुनाव नहीं लड़ी.

किंगमेकर की भूमिका?

बता दें ओवैसी ने महागठबंधन के आरोपों को गुरूर बताया है. किंगमेकर की भूमिका पर ओवैसी सब्र रखने की बात कह रहे हैं. ओवैसी ने कहा, ‘हमारा हाल तो रजिया जैसी है जो गुंडों में फंस गई है. कोई कहता है हम एंटी नेशनल हैं और कोई कहता है हम वोट काट रहे हैं. इसके बावजूद बंगाल का चुनाव लड़ूेंगे.’

2015 में नहीं खुला था खाता

वर्ष 2015 में ओवैसी की पार्टी की हालत बिहार में इससे बिल्कुल अलग था. वर्ष 2015 विधान सभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने 6 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी. 2020 में AIMIM ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा और 5 सीटों पर जीत मिली है, यह बड़ा संदेश है.