अर्णब गोस्वामी को मिली जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने इस शर्त के साथ दी बेल!

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हरीश साल्वे ने कोर्ट में कहा कि अन्वय नाइक की फर्म पिछले सात साल से घाटे में डूबी हुई थी, संभव है कि उसने पहले अपनी मां की हत्या की, फिर खुद सुसाइड कर लिया।

New Delhi, Nov 11 : सुप्रीम कोर्ट ने इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक सुसाइड केस में रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्णब गोस्वामी को जमानत दे दी है, कोर्ट ने 50 हजार के निजी मुचलके पर अर्णब को रिहा करने का आदेश दिया है, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अर्णब की ओर से दिग्गज वकील हरीश साल्वे पेश हुए, उन्होने अर्णब के पक्ष में दलील दी, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी।

हरीश साल्वे ने क्या कहा
हरीश साल्वे ने कोर्ट में कहा कि अन्वय नाइक की फर्म पिछले सात साल से घाटे में डूबी हुई थी, संभव है कि उसने पहले अपनी मां की हत्या की, फिर खुद सुसाइड कर लिया, साल्वे ने दावा किया, कि अर्णब ने सभी बकाये तय समय पर चुका दिये थे, हरीश साल्वे ने आरोप लगाया कि रायगढ पुलिस ने सुसाइड मामला दोबारा ओपन करने में सही कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया है।

पुलिस ने दुर्भावना से कार्रवाई की
वकील हरीश साल्वे ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र पुलिस ने दुर्भावना से अर्णब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के खिलाफ पिछले कुछ दिनों में कई मुकदमे दर्ज किये हैं, arnab1 उन्होने दावा किया, कि महाराष्ट्र पुलिस ने राज्य गृह मंत्री अनिल देशमुख के निर्देशों पर अन्वय नाइक सुसाइड केस को दोबारा खोला है। हरीश साल्वे ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस ने अर्णब को 4 नवंबर को गिरफ्तार किया है, लोकल मजिस्ट्रेट को उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर देना चाहिये था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, उन्होने सुप्रीम कोर्ट से मांग की, कि अर्णब को खिलाफ मुकदमों को सीबीआई के हैंडओवर कर दिया जाए, उन्होने कहा कि अगर अर्णब को जमानत दे दी जाती, तो कोई आसमान नहीं टूट पड़ेगा।