90 घंटे के कोशिश के बाद भी नही बचा बोरवेल में फंसा मासूम ,सरकार ने दिया 5 लाख रुपए का मुआवजा

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मध्यप्रदेश में निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र में तीन दिन पहले एक बोरवेल में गिरे एक बच्चे को जिंदा निकालने की पुरी कोशिश कि गई , लेकिन 90 घंटे तक चला यह प्रयास भी असफल रहा। बच्चा 90 घंटे से अधिक समय से बोरवेल में फंसा रोता रहा।

SDRF, NDRF, की टीम ने दिन-रात मेहनत की और लास्ट मे रविवार सुबह 3:00 बजे बच्चे का मृत शरीर निकाला गया। इस घटना के होने पर राज्य में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुख जताया है।उन्होंने अपने ट्विटर अकउंट पर ट्वीट कर के लिखा- मुझे अत्यंत दुःख है की निवाड़ी के सैतपुरा गांव में अपने खेत के बोरवेल में गिरे मासूम प्रहलाद को 90 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी नहीं बचा पाए। एसडीआरएफ़, एनडीआरएफ़, और अन्य टीम ने दिन-रात मेहनत की फ़िर भी आज सुबह 3:00 बजे बेटे का मृत शरीर निकाला।

शिवराज सिंह चौहान ने लिखा- दुःख की इस घड़ी में, मैं एवं पूरा देश प्रहलाद के परिवार के साथ खड़ा हुआ है और मासूम बेटे की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है। सरकार के द्वारा प्रहलाद के परिवार को दिए ₹5 लाख का मुआवज़ा दिया जा रहा है। उनके खेत में अब एक नया बोरवेल भी बनाया जाना तय हुआ है।

पृथ्वीपुर के थाना प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार सुबह दस बजे के करीब सैतपुरा गांव के समीप स्थित एक बोरवेल में पांच वर्षीय बच्चा प्रहलाद कुशवाहा खेल रहा था और वो खलेने मे इतना व्यस्त था कि उसे पता भी नहीं चला वहां बोरवेल है और वो बोरवेल मे गिर गया था। इस घटना के होते ही ग्रामीण लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और इसकी सूचना पुलिस को तुरंत दे दी गई थी। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई थी और बच्चे को निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। पर अफसोस कि 90 घंटे के प्रयास के बावजूद बच्चे को बचाया नही जा सका।