बेटे का उम्मीदवार जीत गया तो दादा ने चूल्हे की आग में फेंके तीन पोते-पोती

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धौलपुर जिले के गढ़ीलज्जा में शनिवार देर शाम को पिछले दिनों बीते हुए पंचायत चुनाव में वोट डालने को लेकर बाप-बेटे के बीच झगड़ा हुआ था और गुस्से से बौखलाए दादा ने अपने तीन पोते और पोती को पास में जल रहे चूल्हे में फेंक दिया जब की उन्हे पता था आग बहुत तेज थी ,फिर भी एक बार भी बच्चो को चूल्हे में फेकने से पहले नहीं सोचा। यह तीनों मासूम बच्चे बुरी तरह से झुलस गए हैं। तीनों को परिजन इलाज के लिए सैपऊ सीएचसी ले कर भागे, जहां उनका प्राथमिक उपचार देकर गंभीर हालत में धौलपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया था।

दरअलस बाप-बेट के बीच झगड़े के समय तीनों मासूम बच्चे जलते चूल्हे के पास बैठकर खाना खा रहे थे। कुछ ही दिनों पहले ग्राम पंचायत के सरपंच का चुनाव हुआ था और इस चुनाव में पिता भोगीराम कुशवाह और बेटे शिवसिंह ने अलग-अलग प्रत्याशियों को वोट दिए थे। चुनाव का परिणाम आने के बाद से ही पिता-पुत्र में आए दिन झगड़ा होने लगा था। शनिवार शाम को पिता भोगीराम शराब पीकर घर आया और अपने पुत्र शिवसिंह से वोट डालने को लेकर विवाद करना शुरू कर दिया था। यही नहीं भोगीराम ने शिवसिंह के साथ मारपीट भी कर किया था। इसके तुरंत बाद ही पास मे चूल्हा जल रहा था, और शिवसिंह के तीन बच्चे 9 वर्षीय बेटी राखी तथा दो बेटे अजय और विजय खाना खा रहे थे। विवाद के चलते भेागीराम को इतना गुस्सा आया कि उसने चूल्हे के पास खाना खा रहे तीनों मासूम बच्चों को उठा कर चूल्हे की आग में फेक दिया।

शिवसिंह और बाकी परिजन कुछ समझ ही पाते, कि इतने ही देर में बच्चे चूल्हे में गिरने से तीनों बुरी तरह झुलस गए। चूल्हे की आग में बच्चों के झुलस ने पर घर में अफरा-तफरी और बुरी तरह से चीख-पुकार मच गई थी। झुलसने से घायल हुए बच्चों और परिजनों की चीख सुनकर आसपास रहने वाले सभी ग्रामीण वहां पहुंच गए और तीनों झुलसे बच्चों को इलाज के लिए गांव से सैंपऊ सीएचसी ले जाए गए थे, और उनका वहां उपचार शुरू किया गया। उसके बाद में बच्चों का उपचार कर रहे डॉक्टर ने तीनों की हालत गंभीर देखा फिर डॉक्टर ने उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था।