अदालत ने एडीजी प्रशांत कुमार से पूछा आपकी बेटी के साथ ऐसा होता तो क्या करते; हाथरस केस में पीड़िता के वकील ने दी जानकारी

0
12

इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ पीठ में सोमवार को हाथरस मामले की सुनवाई हुई है। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार के प्रति असंतोष दिखाई है। पीड़िता की वकील सीमा कुशवाहा ने बताया है कि एडीजी कानून व्यवस्था ने प्रशांत कुमार से कुछ सवाल पूछे हैं। उन्होंने पूछा है कि यह भी यह आपकी बेटी के साथ होता और इस तरह से अंतिम संस्कार किया जाता तो आप कैसा महसूस करते। कोर्ट ने साथ ही कहा कि एडीजी को रेप लॉ को भी अच्छी तरह से पढ़ना चाहिए।

कोर्ट रूम में मौजूद पीड़िता की वकील ने बताया है कि कोर्ट ने परिवार के प्रति संवेदना जताई है। जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस राजेंद्र रॉय की पीठ ने परिवार को भरोसा दिलाया है कि उन्हें इंसाफ जरूर दिया जायेगा। कोर्ट ने अधिकारियों से कई सवाल पूछें हैं, जिसका वो पास कोई जवाब नहीं दे सकें हैं। अब कोर्ट से 2 नवंबर की तारीख ली गयी है।

इसके पहले हाथरस जिला के अधिकारी प्रवीण कुमार का कहना है कि पीड़िता का शव इसीलिये जला दिया गया ताकि माहौल में शांति बनी रहे।आपको बता दें कि जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस राजेंद्र रॉय की पीठ ने दोपहर के बाद मामले की सुनवाई शुरू की थी इस दौरान पीड़िता का परिवार अदालत में मौजूद था। इसके साथ गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार, के साथ-साथ हाथरस के जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी अदालत में मौजूद थे।

गौरतलब है कि गत 14 सिंतबर को हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र में 19 साल की एक दलित युवती के साथ अगड़ी जाति के चार युवकों ने सामूहिक रूप से बलात्कार किया था। इस घटना के बाद हालत खराब होने की वजह से अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में पीड़िता को भर्ती कराया गया था। बाद में उसे दिल्ली के सफदरजंग हास्पिटल में भर्ती किया गया था। जहाँ 29 सिंतबर को उसकी म्रत्यु हो गयी थी। लेकिन उसके शव को पुलिस द्वारा परिवार वालों को नहीं दिया गया और देर रात उसके शव को पुलिस वालों के द्वारा जलाया गया था।