एक साल पहले मा-पिता ने लेने से कर दिया था इंकार, DNA टेस्ट से हुआ खुलासा, जाने क्या है पूरा मामला

0
3

मामला उत्तर प्रदेश के बरेली से जुड़ा है, जहां वार्न बेबी फोल्ड में लावारिस की तरह वक्त गुजार रही एक मासूम बच्ची मुस्कान के माता-पिता ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया था। उनका दावा था कि अस्पताल में उनकी बच्चे को बदल दिया है। वही इस मामले में अब डीएनए रिपोर्ट में उनके बायोलॉजिकल माता-पिता होने के बावजूद भी उनके बच्ची को लेने आने के मामले में देरी देखी गई है।

ऐसे में इंतजार के 17 दिन गुजर जाने के बाद गुरुवार को सीडब्ल्यूसी मजिस्ट्रेट ने कड़ा रुख अपनाते हुए रामपुर एसएसपी को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि 5 दिन में बच्ची को ना अपनाने पर उनके खिलाफ जेजे एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर की जाये। वही सीडब्लूसी के सख्त रूख के बाद बच्ची के माता-पिता ने बच्ची को अपनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

up-bareilly-muskan-after-one-year-finaly-get-her-biological-parents-aftter-dna-report
Social Media

वहीं अब बच्ची के माता-पिता के सुर भी बदले हुए हैं। उनका कहना है कि अगर बच्ची हमारी ही है तो हम पूरी खुशी के साथ उसे लेने को तैयार है। इतना ही नहीं बच्चे की मां भी अपनी बच्ची को लेने के लिए काफी आतुरता दिखा रही है। ऐसे में आज सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद मासूम मुस्कान को उसके माता-पिता को सुपुर्द कर दिया जाएगा।

बता दे बीते साल 28 मई को शहर के एक निजी अस्पताल पर इस दंपत्ति ने बच्चा बदलने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि अस्पताल में बेटा भर्ती किया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन डिस्चार्ज करते समय उन्हें बेटी दे रहा था। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद डीएनए की प्रक्रिया हुई, जिसमें बच्ची को छोड़ने वाले माता-पिता ही उसके जैविक माता-पिता निकले।

up-bareilly-muskan-after-one-year-finaly-get-her-biological-parents-aftter-dna-report
Social Media

बता दे इस मामले पर जांच पड़ताल के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के आदेश पर डीएनए कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट 19 अक्टूबर को सामने आई। बच्ची के जैविक माता-पिता ममता और होरालाल ही निकले। उनका अस्पताल प्रशासन पर लगाया गया आरोप झूठा था। रामपुर पुलिस ने उसी दिन होरालाल को डीएनए की रिपोर्ट की जानकारी दी और बच्ची को अपनाने को कहा।

वही मामले की गंभीरता को देखने के बाद पिता होरीलाल और मुस्कान की माता ममता ने कहा कि हमें पता चल गया है कि बच्ची के जैविक माता-पिता हम हैं। हम बच्ची को लेने के लिए तैयार है, लेकिन घर में बड़ी बेटी बीमार थी इसलिए हमें आने में देरी हुई। उनसे पहले गलती हो गई थी और अब वह अपनी मासूम बच्ची को अपने साथ ही रखना चाहते हैं।

up-bareilly-muskan-after-one-year-finaly-get-her-biological-parents-aftter-dna-report
Social Media

बात पूरे मामले की करें तो 4 जून 2019 को सीडब्ल्यूसी में यह मुकदमा दर्ज होने के बाद बीते 7 जून से बच्ची अस्पताल के नर्सरी में ही रखा गया था। वहीं 20 मार्च को डीएनए टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट 19 अक्टूबर को आई। इतनी लंबी प्रक्रिया के बाद फाइनली बच्ची को अब अपने जैविक माता पिता को सुपुर्द कर दिया जायेगा।