जब रेलगाड़ी बन गई धक्कागाड़ी,जाने फिर क्या हुआ…

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कभी-कभी ऐसे रोचक मामले सामने आते हैं जिनको सुनकर हंसी आए बिना नहीं रह सकते और देखा जाए तो यह बड़े मुद्दे भी होते हैं जिनको आसानी से हल नहीं किया जा सकता है, इसके लिए सूज भुज जरूरी होती है, दोस्तों आपने कई बार सुना होगा कि कार से जा रहे हैं या टैक्सी से या स्कूटर से रास्ते में बंद हो गया, यह आम बात है पर हम आपको जो बताने जा रहे हैं वह हैरान करने वाली भी है, दरअसल मथुरा से वृंदावन जाने वाली ट्रेन का किसी टेक्निकल परेशानी के चलते इंजन बीच में ही बंद हो गया, और इसके बाद जो हुआ, वह काफी मजेदार है दरअसल ट्रेन में बैठे पैसेंजर रोने उतर कर ट्रेन को धक्का मारा और उसे 10 किलोमीटर दूर तक ले कर गए.

ट्रेन वंदावन से निकलकर मस्तानी रेलवे स्टेशन पहुंची ही थी कि अचानक से रुक गई, इसके बाद सभी पैसेंजर ने ट्रैन को धक्का लगा कर मथुरा यार्ड तक पहुंचाया. दरअसल जब ट्रेन मथुरा स्टेशन से निकली तो थोड़ी ही दूर जाने के बाद ट्रेन बिरला मंदिर के पास स्टेशन बिरला मंदिर के पास अचानक से रुक गई इसके बाद ट्रेन के ड्राइवर ने भी हर तरह से कोशिश की कि ट्रेन चल जाए पर ट्रेन नहीं चली आखिर में थक हारकर ड्राइवर ने इस इस समस्या का के समाधान के लिए मथुरा यार् को जानकारी दी, गार्ड ने तुरंत कम से कम 2 दर्जन कर्मचारियों को ट्रेन को धक्का मारने के लिए रवाना किया जिसके बाद उन दो दर्जन कर्मचारियों ने और साथ ही सभी यात्रियों ने मिलकर ट्रेन को धक्का मारा और 10 किलोमीटर मथुरा यार तक ले आए.

वही मथुरा की स्टेशन टी एल मीणा ने बताया कि ट्रेन के इंजन में खराबी आ गई है, मथुरा से वृंदावन जाने वाली इस गाड़ी का उद्देश्य हैं श्रद्धालुओं और यात्रियों को सुविधाजनक तरीके से अपने स्थान पर पहुंचाना है, ज्यादातर इस ट्रेन में मथुरा से वृंदावन जाने वाले स्थानीय नागरिक को ही सफर करते हैं,जानकारी के लिए बता दे दो बोगियों वाली है ट्रेन वृंदावन मथुरा से वृंदावन के लिए चलती है इसमें दो बोगियां हैं, औसतन दिन में यह ट्रेन कम से कम पांच से छह चक्कर निकाल लेती है.
करीब 10:00 बजे की ट्रेन मथुरा से वृंदावन के लिए रवाना हुई ।