तीन तलाक को लेकर SC में लंबी लड़ाई लड़ने वाली सायरा बानो BJP में शामिल

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उत्तराखंड के ऊधमसिंघ नगर जिले की रहने वाली सायरा बानो देश की पहली मुस्लिम महिला है, जिन्होंने तीन तलाक के खिलाफ जंग लड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था जिसपर उन्हें जीत हासिल हुई. बीजेपी में शामिल होते ही सायरा बानो का कहना था कि वह पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी की नीतियों से प्रेरित होकर ही पार्टी का हिस्सा बनी है. अब उनका मकसद महिलाओं को न्याय दिलाना है.

सायरा बानो ने कोर्ट में याचिका दायर करके ट्रिपल तलाक के साथ ही निकाह हलाला के चलन को भी चुनौती दी. उन्होंने मुस्लिमों में चली आ रही बहुविवाह प्रथा को लेकर आवाज़ उठाई और इसे खत्म करने की मांग की और ये भी कहा, तीन तलाक संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को महीने के अंदर इसको लेकर संसद में कानून बनाना होगा और इस फैसले के बाद केंद्र सरकार तीन तलाक के खिलाफ कानून भी लेकर आई ताकि मुस्लिम महिलाएं सुकून से अपना जीवन जी सकें.

तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ने के बाद सायरा बानो शनिवार को राज्य बीजेपी अध्यक्ष बंसीधर भगत की मौजूदगी में बीजेपी पार्टी में शामिल हो गई और जब सायरा से चुनाव लड़ने को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह चुनाव लड़ने के मकसद से बीजेपी में नहीं आई हैं. सायरा ने कहा, ‘मेरी पार्टी मुझसे जो कहेगी वह मैं करूंगी’ अगर पार्टी मुझे टिकट देगी तो में इंकार नहीं करूंगी.