चूहा बांध तोड़ देता है और शराब भी पी जाता है, राजद ने कार्यकर्ताओं के लिये जारी किया नया संदेश!

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इधर चुनाव आयोग ने भी मतगणना के लिये पूरी तैयारी कर ली है, निर्वाचन आयोग ने सीसीटीवी से निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था समेत व्यापक इंतजाम किये हैं।

New Delhi, Nov 09 : बिहार चुनाव के नतीजे मंगलवार 10 नवंबर को घोषित किये जाएंगे, चुनाव नतीजे घोषित किये जाने से पहले राजद नेताओं ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को चेताया है कि वो स्ट्रांग रुम के पास डटे रहें, राजद के कोषाध्यक्ष और एमएलसी सुनील सिंह ने पार्टी के सभी उम्मीदवारों तथा कार्यकर्ताओं से कहा है कि एग्जिट पोल के मद्देनजर सरकार के कुछ भ्रष्ट पदाधिकारी स्ट्रांग रुम में रखे ईवीएम में फेरबदल करने की कोशिश कर सकते हैं, सुनील सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि राज्य के चूहे भी बहुत खतरनाक होते हैं, जिनके ऊपर तटबंधों को तोड़ने से लेकर थाना में शराब पीने का आरोप भी लग चुका है, इसलिये पार्टी के तमाम कार्यकर्ता इस बात का ख्याल रखें, कि स्ट्रांग रुम में आदमी तो क्या चूहा भी घुसने नहीं पाये।

एग्जिट पोल में बढत
मालूम हो कि चुनाव नतीजों से पहले तमाम न्यूज चैनलों के एग्जिट पोल में महागठबंधन को बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है, जिसके मद्देनजर राजद-कांग्रेस समेत महागठबंधन में शामिल कुछ अन्य राजनीतिक दलों को डर है कि काउंटिंग के दौरान ईवीएम से छेड़छाड़ ना हो, और वोटों की चोरी ना हो, इसलिये राजद ने अपने कार्यकर्ताओं को अलर्ट पर रहने के लिये कहा है।

कांग्रेस की पूरी तैयारी
महागठबंधन में शामिल कांग्रेस ने भी इन संभावनाओं को देखते हुए अपनी ओर से पूरी तैयारी कर ली है, पार्टी आलाकमान ने चुनाव प्रबंधन के प्रभारी रणदीप सूरजेवाला, बिहार प्रभारी सचिव वीरेन्द्र राठौर को फिर से बिहार भेज दिया है, अब छानबीन कमेटी के अध्यक्ष अविनाश पांडे, कर्नाटक से सांसद और पार्टी नेता नासिर हुसैन, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, राजस्थान के गृह मंत्री राजेन्द्र यादव तथा स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा को भी पटना भेज दिया गया है।

मतगणना की तैयारी
इधर चुनाव आयोग ने भी मतगणना के लिये पूरी तैयारी कर ली है, निर्वाचन आयोग ने सीसीटीवी से निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था समेत व्यापक इंतजाम किये हैं, मुख्य चुनाव अधिकारी एच आर श्रीनिवास ने बताया कि स्ट्रांग रुम में ईवीएम कड़ी सुरक्षा में रखा गया है, 10 नवंबर को वोटों की गिनती के लिये राज्यभर में बनाये गये कुल 55 मतगणना केन्द्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, 55 मतगणना केन्द्रों के भीतरी हिस्से से केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की गई है। जबकि बिहार पुलिस बल को मध्य पंक्ति की सुरक्षा में लगाया गया है।