12वीं हुए थे फेल, टीचर ने कहा पढ़ाई तुम्हारे बस की नहीं है, पढ़ाई छोड़ दो, दिल पर लग गई बात और बन गए IAS

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‘पढ़ाई तुम्हारे बस की बात नहीं है। तुम कोई और काम देखो पढ़ाई छोड़ दो।’ इस तरह की बातें आए दिन रियाज़ को सुननी पड़ती थी जो लोग उन्हें नाकारा समझते थे आज वही लोग उनके लिए गर्व महसूस कर रहे हैं। 2019 में जब रियाज़ (Syed Riyaz Ahmed ) आईएएस अधिकारी बने तो पूरे गाँव से उन्हें आशीर्वाद मिला।

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन या संघ लोक सेवा आयोग में 261वी रैंक हासिल करने वाले सैयद रियाज़ अहमद (Syed Riyaz Ahmed ) बहुत समय से यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। लगातार मिल रही असफलताओं ने उन्हें तोड़ कर रख दिया परंतु उन्होंने कोशिश करनी नहीं छोड़ी और कड़ी मेहनत के बाद 261 वी रैंक हासिल की।

दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए एक इंटरव्यू का वीडियो

रियाज अहमद (Syed Riyaz Ahmed ) महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले हैं लोग उन्हें नाकारा समझते थे ‘ तुम से कुछ नहीं होगा, पढ़ाई छोड़ दो कोई और काम देखो जैसे तानों से हर रोज़ इनका सामना होता था। दसवीं के बाद उनका रिजल्ट अच्छा नहीं रहा उनके शिक्षकों उन्हें जीरो कहने लगे थे। 2008 में 12वीं की परीक्षा में भी गणित में फेल हो गए उन्होंने फिर से इसकी परीक्षा दी। लोगों और शिक्षकों का नज़रिया उनके प्रति नकारात्मक हो गया। 12वीं पास करके उन्होंने बीएससी में एडमिशन लिया और बहुत मेहनत करी।

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रियाज़ के पिता सरकारी नौकरी में थे इस वज़ह से ना तो आर्थिक परेशानी उन्हें कभी हुई ना उन पर काम करने का कोई दबाव पड़ा। परंतु रियाज़ सेटल होना चाहते थे उन्होंने ग्रेजुएशन के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। पुणे यूनिवर्सिटी से उन्होंने एमएससी की। उनके पिता चाहते थे कि रियाज़ एक बहुत बड़ा अफसर बने। फिर उन्होंने परीक्षा देनी शुरू की। 2014 में उन्होंने पहला प्रयास किया लेकिन प्रीलिम्स में अनुत्तीर्ण हो गए।

इसक के बाद जामिया में एडमिशन लिया और फिर तैयारी की परंतु इस बार भी नेगेटिव मार्किंग के कारण एक नंबर से रह गए। इसकी वज़ह ठीक से तैयारी का ना होना था। उन्हें यह बात बाद में समझ आई कि परीक्षा में पास होने के लिए एक बेहतर रणनीति आवश्यक है। उसके बाद प्रीलिम्स के लिए उन्होंने ख़ुद की रणनीति बनाई और तीसरे प्रयास में प्रीलिम्स में तो सफल हो गये परंतु साक्षात्कार में बाहर हो गए।

इसके बाद उनका चौथा प्रयास भी असफल रहा और वे इतने निराश हो गए की पढ़ाई लिखाई छोड़ने का मन बना लिया। अहमद बताते हैं कि इसके बाद उन्हें नौकरी तलाशनी शुरू कर दी। स्टेट सर्विस की परीक्षा पास करके भी रेन्ज फॉरेस्ट ऑफिसर बन गए। परंतु उनके पिता ने उन्हें बहुत सपोर्ट किया और कहा कि”तुम मत घबराओ बस तुम तैयारी करो” रियाज़ मन से तो तैयार नहीं थे इसलिए बढ़ीया तैयारी नहीं कर पाए परंतु 2018 में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पास हो गए और 2019 में इसका परिणाम आया तो उन्हें पता चला कि उन्होंने 261वी रैंक हासिल की है।

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सैयद रियाज़ अहमद ने लगातार हो रही असफलताओं के आगे ख़ुद को कमजोर नहीं पड़ने दिया और अपने लक्ष्य को सामने रखा उनके पिता ने उनको बहुत सपोर्ट किया इसके लिए अपने पिता का शुक्रिया अदा करते हैं।