कम्प्यूटर बाबा के आश्रम पर चला बुलडोजर…भेजा जेल, लोकतंत्र बचाओ मुहिम के तहत निकली थी यात्रा

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अपने राजनीतिक संबंधों के चलते कंप्यूटर बाबा काफी चर्चित रहते हैंं। ऐसे में आज जम्बूरी हप्सी गांव में सरकारी जमीन पर बना कंप्यूटर बाबा का आश्रम ढ़हा दिया गया है। इस दौरान विरोध करने पर पुलिस ने बाबा सहित सात लोगों को धारा 151 के तहत जेल भी भेज दिया है। इस मामले पर कार्रवाई कर रहे अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के लिए बाबा को पहले भी नोटिस दिए गए थे।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में विधानसभा के उपचुनाव के बाद सरकार और प्रशासन दोनों काफी मुस्तैदी से काम कर रहे थे। इंदौर में नगर निगम में कंप्यूटर बाबा के आश्रम को इसी कार्रवाई के तहत हटाया गया है। वही इस कार्रवाई पर राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने कंप्यूटर बाबा के आश्रम पर हुई इस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे बदले की कार्रवाई करार दिया है।

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दरअसल कंप्यूटर बाबा का मध्य प्रदेश के जम्बूरी हप्सी गांव में गोमटगिरी आश्रम बना हुआ है। आरोप है कि उन्होंने आश्रम के लिए बड़े हिस्से पर अतिक्रमण कर रखा है। कच्चा और पक्का निर्माण कर उन्होंने सरकारी जमीन को हथिया कर कब्जा कर रखा है।

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अधिकारियों का कहना है कि इस अतिक्रमण को हटाने के लिए पहले भी उन्हें नोटिस जारी किए गए थे, मगर उस दौरान किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई। वही आज तड़के सुबह जेसीबी मशीनों के साथ अतिक्रमण विरोध दस्ता पहुंचा और आश्रम को ढहा दिया।

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बता दे विधानसभा के उपचुनाव में कंप्यूटर बाबा ने कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार प्रसार किया था। प्रशासन की इस कार्रवाई को इसी मुद्दे से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता सयैद जाफर का कहना है कि कांग्रेस अतिक्रमण के खिलाफ है मगर वर्तमान में बीजेपी सरकार चुन-चुन कर कांग्रेस से जुड़े लोगों पर दबाव बनाने के लिए उपचुनाव के नतीजे में आने से पहले यह कार्रवाई कर रही है।

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मालूम हो कि शिवराज सरकार में भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कंप्यूटर बाबा को मंत्री का दर्जा दिया था, लेकिन जब वह चुनाव में आए तो उन्होंने बीजेपी का पाला छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया था। वही पिछले दिनों संपन्न हुए 28 सीटों के विधानसभा चुनावों में उन्होंने कांग्रेस का साथ देते हुए लोकतंत्र बचाओ अभियान भी चलाया था, जिसके तहत उन्होंने शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा था।