किस्सा: सोनिया गांधी के करीब आने के लिए राजीव गांधी ने दी थी रिश्वत, नैपकिन पेपर पर सोनिया के लिए लिखी कविता

0
15

राजीव गांधी के शौक बड़े थे, लेकिन वह अपना हर शौक अपने दम पर पूरा करते थे। इस बात का जिक्र राजीव गांधी पर लिखित कई किताबों में किया गया है। एक दौर था जब राजीव गांधी बतौर पायलट काम किया करते थे। उस दौरान उन्हें 5000 रूपये की तनख्वाह मिलती थी।

जो कि उस समय में काफी बड़ा वेतन था। बड़ी बात यह थी कि राजीव गांधी जब बतौर पायलट काम करते थे तो वह कभी भी किसी को अपना पूरा नाम नहीं बताते थे।

political-love-story-of-rajiv-gandhi-and-sonia-gandhi
Social Media

राजीव गांधी हमेशा यह शर्त रखते थे कि उन्हें सिर्फ उनके पहले नाम से जाना जाए। वह जब भी वह पायलट की सीट पर होते कॉकपिट से सिर्फ अपना पहला नाम बता कर यात्रियों का स्वागत करते थे। इतना ही नहीं उनके कैप्टंस को भी यह सख्त निर्देश थे कि फ्लाइट के दौरान कभी भी उनका पूरा नाम ना बताया जाए। इसके बाद जब उन्हें प्यार हुआ तो सोनिया भी यह नहीं जानती थी कि वह भारत के प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे हैं।

political-love-story-of-rajiv-gandhi-and-sonia-gandhi
Social Media

दरअसल राजीव गांधी इंजीनियरिंग का ट्राइपोस कोर्स करने के लिए कैंब्रिज गए थे। इसी दौरान साल 1965 में उनकी मुलाकात इटली में पैदा हुई सोनिया गांधी से हुई और पहली ही मुलाकात में वह सोनिया को अपना दिल दे बैठे। राजीव गांधी की लवस्टोरी का जिक्र अश्विनी भटनागर ने अपनी किताब ‘द लोटस ईयर’ पोलिटिकल लाइफ इन इंडिया इन द टाइम ऑफ राजीव गांधी में किया है।

अश्विनी भटनागर ने बताया है कि किस तरह राजीव गांधी ने सोनिया गांधी के बगल वाली मेज पर बैठने के लिए उन दिनों रेस्टोरेंट के मालिक चार्ल्स एन्टनी को मनाया। वहीं दूसरी ओर एन्टनी ने भी एक व्यापारी की तरह उनके इस काम के लिए उनसे दुगने पैसे वसूले।

political-love-story-of-rajiv-gandhi-and-sonia-gandhi
Social Media

यह पहली बार था जब राजीव गांधी और सोनिया गांधी की मुलाकात हुई थी। इस समय दोनों एक दूसरे के आमने-सामने थे। इस बात का जिक्र सिमी ग्रेवाल ने अपनी बनाई फिल्म में भी किया है। सिमी ग्रेवाल की फिल्म मैंने पहले किसी को इतनी अधिक प्यार से नहीं देखा में बताया है कि कैंब्रिज में पढ़ने के दिनों वो अपना खर्चा चलाने के लिए आइसक्रीम बेचा करते थे।

सिमी ग्रेवाल ने अपनी फिल्म में दिखाया है कि किस तरह राजीव गांधी सोनिया से मिलने के लिए साइकिल पर जाया करते थे। हालांकि उस दौरान उनके पास एक पुरानी फॉक्सवैगन थी, लेकिन उसे चलाने के लिए वह पेट्रोल का खर्चा अपने दोस्त के साथ शेयर किया करते थे। ऐसे में वह अपनी फॉक्सवैगन को काफी कम इस्तेमाल किया करते थे।

political-love-story-of-rajiv-gandhi-and-sonia-gandhi
Social Media

इतना ही नहीं राजीव गांधी और सोनिया की कैंब्रिज की मुलाकातों का जिक्र राशिद किदवई ने भी अपनी किताब में किया है। सोनिया गांधी के जीवन पर आधारित पत्रकार राशिद किदवई की किताब में उनकी मुलाकातों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया है कि यह वह दौर था जब कैंब्रिज विश्वविद्यालय के छात्रों का जमावड़ा वर्सिटी के रेस्टोरेंट में लगा करता था। उस दौरान रेस्टोरेंट में बच्चे बीयर पीने के लिए इकट्ठा होते थे।

ऐसे में बियर का शौक लिए रेस्टोरेंट आने वाले बच्चों में राजीव गांधी इकलौते ऐसे शख्स थे जो बीयर नहीं पीते थे। यही कारण था कि सोनिया और राजीव की मुलाकाते बढ़ने लगी। दोनों की मुलाकात इस कदर बढ़ने लगी कि राजीव गांधी का एक तरफा प्यार दोनों तरफ का आकर्षण बन गया।

political-love-story-of-rajiv-gandhi-and-sonia-gandhi
Social Media

राशिद किदवई ने अपनी किताब में बताया है कि एक बार राजीव गांधी ने एक नैपकिन पेपर पर सोनिया गांधी की खूबसूरती पर एक कविता लिखी, जिसे एक वेटर के जरिए उन्होंने सोनिया तक पहुंचाया। सोनिया उसे पढ़ते ही काफी असहज हो गई, लेकिन राजीव गांधी के जर्मन दोस्त ने दोनों के बीच के इस किस्से को बेहद खूबसूरती से संभालते हुए बातचीत को आगे बढ़ाया।

इस दौरान किताब में एक और दिलचस्प किस्सा बताया गया है, जिसमें कहा गया है कि राजीव गांधी ने आखिर तक सोनिया गांधी को यह नहीं बताया था कि वह भारत के प्रधानमंत्री के बेटे हैं। एक समय एक अखबार में इंदिरा गांधी की तस्वीर को दिखाते हुए राजीव गांधी ने सोनिया को बताया कि यह उनकी मां की तस्वीर है। इस दौरान भी उन्होंने उन्हें यह नहीं बताया कि यह तस्वीर भारत की प्रधानमंत्री की है।

political-love-story-of-rajiv-gandhi-and-sonia-gandhi
Social Media

ऐसे में सोनिया गांधी को इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के रिश्ते का पता उस समय लगा, जब कैंब्रिज में पढ़ने वाले एक भारतीय छात्र ने उन्हें बताया कि इंदिरा भारत की प्रधानमंत्री है और राजीव गांधी उनके बेटे है। यह वह वक्त था जब इंदिरा को पता चला कि वह जिस व्यक्ति के साथ रिलेशन में है वह भारत के प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बड़े बेटे हैं।

संभार- अश्विनी भटनागर की किताब ‘द लोटस ईयर’ पोलिटिकल लाइफ इन इंडिया इन द टाइम ऑफ राजीव गांधी