पूरी तरह से बदल गया ‘बाबा का ढाबा’, IAS अफरस ने तस्वीर साझा कर कहा- ‘बस ‘बाबा’ नहीं दिख रहे’

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सोशल मीडिया पर फेमस हुआ ‘बाबा का ढाबा’ महज कुछ दिनों के अंदर ही पूरी तरह से बदल गया है और अब इस ढाबे को पहचान पाना भी मुश्किल हो रहा है। दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित ‘बाबा का ढाबा’ पहले एक आम ढाबे की तरह ही हुआ करता था। लेकिन अब इस ढाबे की छवि बदल गई है और ढाबे के बाहर कई सारे विज्ञापन लग गए हैं।

‘बदला हुआ ‘बाबा का ढाबा’

आईएएस ऑफिसर अवनीष शरण ने हाल ही में ‘बाबा का ढाबा’ की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की। जिसमें ये ढाबा पूरी तरह से अलग दिख रहा है। वहीं ये तस्वीर शेयर करते हुए अवनीष शरण ने लिखा कि ‘बदला हुआ ‘बाबा का ढाबा’, सब दिख रहे बस ‘बाबा’ नहीं दिख रहे!!’


अवनीष शरण के अलावा ओर भी लोगों ने बाबा का ढाबा की नई तस्वीर शेयर की है और इनपर यूजर्स मजेदार रिएक्शन भी दे रहे हैं। एक ट्वीट यूजर ने ‘बाबा का ढाबा’ की दी तस्वीरें शेयर की है। जिसमें से एक तस्वीर ‘बाबा का ढाबा’ फेमस होने से पहले की थी और दूसरी तस्वीर ‘बाबा का ढाबा’ फेमस होने के बाद ही है। इन तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि ‘बाबा का ढाबा’ फेमस होने से पहले एकदम साधारण सा था और लेकिन अब इस ढाबे पर कई सारे विज्ञापन नजर आ रहे हैं। इसके अलावा ढाबे के पास ही ओर भी दुकाने खुल गई हैं और ढाबे में खाना खाने वाले लोगों की लंबी लाइन भी लगी हुई है।

इस तरह से हुआ था फेमस 

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर ‘बाबा का ढाबा’ की एक वीडियो वायरल हुई थी। जिसमें इस ढाबे को चलाने वाले 80 वर्ष के कांता प्रसाद काफी रो रहे थे। इस वीडियो में ये कह रहे थे कि उनके ढाबे पर कोई भी खाना खाने को नहीं आता है। कांता प्रसाद ने बताया कि वो पत्नी की मदद से सारा काम करते हैं। वो सुबह 6 बजे आते हैं और 9 बजे तक पूरा खाना तैयार कर देते हैं। रात तक वो दुकान पर ही रहते हैं। लेकिन कोरोना की वजह से उनका काम पूरी तरह से बंद हो गए हैं। दिन में उनकी बस 50 रुपए तक ही कमाई हो पाती है।

कांता प्रसाद इस ढाबे को कई सालों से मालवीय नगर में चला रहे हैं। इस ढाबे को ये अपनी पत्नी के साथ चलते हैं। वहीं इनकी ये वीडियो देख दिल्ली के लोग इनकी मदद करने के लिए आगे आए और एकदम से इनके ढाबे के बाहर भीड़ लगना शुरू हो गई। महज एक हफ्ते के अंदर ही ये ढाबा पूरी तरह से बदल गया।