5 साल की लड़की हर शाम घर से हो जाती थी गायब, पिता ने पीछा किया तो सामने आयी सच्चाई

0
11




दोस्तों आज हम आपको ऐसी कहानी सुनाने जा रही हो बस पसंद क्या हमें और आप सब को यह एहसास होगा कि कभी कभी छोटे बच्चे हमें बहुत बड़ा सबक सिखा जाते हैं और बड़े होने के बावजूद हम कुछ बातें समझ नहीं पाते या फिर अनदेखी कर देते. आज हम आपको जो भी बताने जा रही है उसमें उस मासूम बच्ची ने वह कर दिखाया है जो बड़े होने के बाद भी हम करने से कतराते हैं.

यह कहानी एम नाम की एक बच्ची की है जिसके पिता यह सोचकर हैरान थे कि शाम के खाने के बाद उनकी बच्ची कहां गायब हो जाती है, रीवा जाने के बाद जब उन्हें उनकी बेटी नहीं मिली तो उन्होंने कई बार उसको पूछा पर बेटी ने कुछ नहीं बताया, इसके बाद उन्होंने उसका पीछा करने का सोचा, और जो भर्ती निकली तो उसके पीछे पीछे चल दिए, के बाद एमा के पिता टॉम ने जो देखा वह देखकर उनकी आंखों में आंसू आ गए और उन्हें यकीन ही नहीं हुआ, इसके बाद टॉम ने तुरंत उस पुलिस को इस बारे में बताया साथ ही मीडिया को भी संपर्क किया और उन्होंने कहा कि पता नहीं कैसे मेरी छोटी सी जैसी सबसे चुपके थोड़ा काम कर रही है. दरअसल एमा पिछले 5 दिनों से अपने घर से एक ही समय पर गायब हो जाती थी और यह बात जब उसकी मां ने नोटिस की तो मां और पिता ने उससे सवाल की तरह मैंने एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया और ना ही उन्हें इस बारे में कुछ बताया थक हार के मां-बाप ने एमा के कमरे की तलाशी ली कमरे की तलाशी में उन्हें एक सफेद कागज पर लिखा हुआ नोट मिला,नोट पर लिखा हुआ था कि शाम को 6:30 बजे अपने मैदान के पीछे वाले घर में आ जाना, और सुनिश्चित करना कि तुम अकेली ही हो, एमा के पिता हैरान रह गए और उन्होंने सोचा कि कौन की बेटी को अकेले बुला रहा है.


उसके बाद तुमने एमा का पीछा किया और वह उस घर में पहुंच गए जब वह मंजर गए तो दरवाजा बंद हो गया टॉम उस घर में पीछे के दरवाजे से अंदर गए क्योंकि यह उनके माता-पिता का 50 साल पुराना घर था, काफी समय से बंद पड़ा था, थोड़ी देर में वहां से चली गई इसके बाद तुम उस कमरे में गया और जो नजारा अंदर देखा वह हैरान रह गया उस कमरे में एक बूढ़ी औरत थी और उसके आसपास 20 से 25 कुत्ते थे उस औरत ने बताया कि वह विधवा आश्रम रहती थी लेकिन वहां उसका दिल नहीं लगा और वह उसने वहां से भागने का फैसला किया इसके बाद वह आवारा गलियों में इन कुत्तों के साथ घूम रही थी, इसके बाद उन्हें एमा मिली, हेमा ने उन्हें इस घर में रहने की इजाजत दी साथ ही को अपना बचा हुआ खाना लाकर हमें भी दिया करती थी पर इससे हमारा गुजारा नहीं हो रहा था तब की आंखों में यह सब सुनकर आंसू आ गए और उन्होंने अपनी बच्ची को गले लगा लिया, टॉम ने दरियादिली दिखाते हुए उस औरत को वहीं रहने की इजाजत दे दी और साथ ही 29 कुत्तों की देखभाल का जिम्मा भी उठा लिया और औरत का भी.

आप लोगों ने अडॉप्ट भी कर लिया है बाकी के कुत्तों की देखभाल की जा रही है, देखा जाए तो यह सब कुछ अगर हो सका तो वह मां की दरियादिली और कोशिशों का ही नतीजा है, दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा आगे आना चाहिए.