उप्र : मस्जिदों में हनुमान चालीसा पढ़े जाने के और अधिक मामले

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इस सप्ताह की शुरुआत में मथुरा के एक मंदिर में नमाज पढ़ने के मामले में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद मस्जिदों में ‘हनुमान चालीसा’ पढ़ने के अधिक मामले प्रकाश में आ रहे हैं। मथुरा पुलिस ने गुरुवार को ‘योगी यूथ ब्रिगेड’ नामक एक संगठन के तीन सदस्यों को तब गिरफ्तार किया था, जब उन्होंने टारोली गांव के एक मस्जिद में कथित तौर पर घुसकर हनुमान चालीसा पढ़ी थी।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शिरीष चंद्र ने कहा कि राष्ट्रीय महाराणा प्रताप युवा सेना के अध्यक्ष भरत सिसोदिया और दो अन्य, अशोक सिंह और सोनू राघव, के खिलाफ धारा 151 (सीआरपीसी के अपराधों रोकने के लिए गिरफ्तारी) के तहत मामला दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रख रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव ग्रोवर ने कहा, “सांप्रदायिकसद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमने इस संबंध में सतर्कता बनाए रखने के लिए सभी पुलिस स्टेशनों को निर्देश जारी किए हैं।”

यह सप्ताह में इस तरह की यह दूसरी घटना है।

इससे पहले सोमवार को, चार युवाओं के एक समूह ने गोवर्धन क्षेत्र में ईदगाह में हनुमान चालीसा का पाठ किया था। उनके खिलाफ भी इन्ही धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

आगरा में, योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष को कथित रूप से शमशाबाद रोड पर एक मकबरे में हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए गिरफ्तार किया गया था और दो अन्य को कथित तौर पर चार अन्य मजारों को भगवा रंग में रंगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

अजय तोमर को नवादा गांव के एक मजार में हनुमान चालीसा का पाठ करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गिरफ्तार किया गया था।

शमशाबाद के थाना प्रभारी राकेश कुमार ने कहा कि तोमर को अदालत में पेश करने के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

अन्य दो आरोपी – शुभम पंडित और बालकृष्ण पर धारा 295 (किसी भी वर्ग के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को अपवित्र करना) और 298 (किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से) के तहत दर्ज किया गया था। ।

इस बीच, मुख्यमंत्री बनने से पहले योगी आदित्यनाथ द्वारा स्थापित एक युवा संगठन हिंदू युवा वाहिनी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि इस ‘योगी यूथ ब्रिगेड’ का उनके संगठन से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘हम इस तरह के कृत्यों का समर्थन नहीं करते हैं क्योंकि हर धर्म में पवित्र ग्रंथों का पाठ करने और प्रार्थना करने का अपना धार्मिक स्थान है।’

आगरा के हिंदू युवा वाहिनी के शहर प्रभारी अनंत उपाध्याय ने कहा, “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बदनाम करने के लिए इस तरह के कृत्य किए जा रहे हैं।”