इस बैंक ने शुरु की लोन रिस्ट्रक्चरिंग योजना, जानिए कौन ले सकता फायदा

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नई दिल्ली. अगर आप यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) के कस्टमर हैं और आप ने लोन ल रखा है। तो आप के लिए बड़ी खबर है। दरअसल कोरोना महामारी से प्रभावित हुए कर्ज लेने वाले ग्राहको के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया लोन रिस्ट्रक्चरिंग (Loan restructuring) योजना लेकर आई हैं। इस योजना आरबीआई के नियमानुसार कर्ज लेने वाले ग्राहकों को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ओर से कर्ज चुकाने में मदद की जाएगी।

क्या है लोन रिस्ट्रक्चरिंग योजना?-
कोरोना महामारी के चलते जो लोग अपना लोन चुका नहीं सके हैं। उन लोगों के लिए आरबीआई की गाइड लाइन के अनुसार लोन रिस्ट्रक्चरिंग योजना लागू की गई है। इस योजना में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा लोन चुकाने के लिए ग्राहक को अतिरिक्त समय दिया जाएगा। जिसमें वह अपने लोग का भुगतान आसानी से बैंक को कर सकें। बता दें लोन रिस्ट्रक्चरिंग योजना सबसे पहले एसबीआई के द्वारा लागू की गई थी।

 

किसको मिलेगा लोन रिस्ट्रक्चरिंग योजना का लाभ?- आरबीआई के नियमानुसार लोन रिस्ट्रक्चरिंग योजना का लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा। जिन्होंने 31 मार्च 2020 तक अपने लोन की किस्तों का यथावत भुगतान किया है। इस नियम के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के ऊपर बैंक की 31 मार्च 2020 तक 30 दिन से ज्यादा की ब्याज बकाया है. तो उसे लोन रिस्ट्रक्चरिंग योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

लोन रिस्ट्रक्चरिंग योजना का कैसे मिलेगा फायदा- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार इस योजना का लाभ पाने के लिए अपनी नजदीकी शाखा में संपर्क करना होगा। इस योजना का लाभ रिटेल, व्यक्ति, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इंड्रस्टी के ग्राहक ले सकते हैं।

लोन रिस्ट्रक्चरिंग प्लान के योग्य हैं या नहीं
बता दें अगर आप ये पता लगाना चाहते हैं कि आप लोन रिस्ट्रक्चरिंग प्लान के योग्य हैं या नहीं तो इसके लिए आपको अपने रिकैलकुलेटेड EMI अमाउंट, लोन रीपेमेंट पीरियड और संभावित इंटरेस्ट इत्यादि के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

मोरेटोरियम का लाभ लेने के लिए क्या करें?
मोरेटोरियम का लाभ लेने के लिए, यह दिखाना जरूरी है कि आपके इनकम पर वैश्विक-महामारी का असर पड़ा है. SBI के अनुसार, वेतनभोगी कर्मचारियों को सैलरी स्लिप या अकाउंट स्टेटमेंट्स दिखाना होगा जिसमें सैलरी कटौती या सस्पेंशन, या लॉकडाउन के दौरान नौकरी छूटने की बात दिखाई देनी चाहिए. इसके अलावा अपना बिजनेस करने वाले लोगों को लॉकडाउन के दौरान बिज़नेस बंद या कम होने से संबंधित डिक्लेयरेशन देना होगा.