फारूक अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 को लेकर दिया विवादित बयान, कहा-” चीन की मदद से हो सकता है बहाल”

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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को लोकसभा में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चीन की मदद से जम्मू-कश्मीर में फिर से अनुच्छेद 370 को फिर से लागू किया जाएगा. इसके अलावा मोदी सरकार के इस कदम का समर्थन करने वालों को गद्दार बताया है फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि अनुच्छेद 370 को लेकर जो भी तनाव के हालात बने हैं, उसका जिम्मेदार केंद्र का वो फैसला है जिसमें जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद को खत्म किया गया था.

फारूक अब्दुल्ला ने हिरासत से रिहा होने के बाद पहली बार लोकसभा में अपनी बात रखते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में प्रगति होनी चाहिए थी लेकिन वहां कोई प्रगति नहीं हुई. यहां तक कि फारूक अब्दुल्ला ने सदन में उन सभी लोगों का आभार प्रकट किया जिन्होंने उनके हिरासत में रहने के दौरान उनका समर्थन जताया.

फारूक अब्दुल्ला ने ये तक कह दिया कि ‘आज हमारे बच्चों और दुकानदारों के पास 4जी इंटरनेट की सुविधा तक नहीं है, जिसकी सुविधा पूरे देश में है जिसके कारण हमारे यहां बच्चे अभी भी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने जम्मू कश्मीर में मारे जाने वाले कुछ कथित लोगों का ज़िक्र करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि सेना ने शोपियां में तीन आदमी मारे गए, अपनी इस गलती को मान लिया है.

अब्दुल्ला ने कहा, हिंदुस्तान तरक्की कर रहा है तो क्या जम्मू-कश्मीर को तरक्की का हक़ नहीं. उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर जताया कि हम जिस तरह से चीन से बात कर रहे हैं उसी तरह पड़ोसी से बात करने का रास्ता भी अब निकालना होगा.

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अनुच्छेद 370 के साथ अनुच्छेद 35A भारत के संविधान के तहत जम्मू-कश्मीर को एक विशेष दर्जा हासिल था. अब्दुल्ला ने कहा जबतक आप अनुच्छेद 370 को बहाल नहीं करेंगे, हम रुकने वाले नहीं हैं, अल्लाह करे कि हमारे लोगों को मदद मिले और अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A का बहाल हो.

बता दें कि मोदी सरकार ने 5 जुलाई को जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A को पूरी तरह से हटा लिया था. सरकार के इस कदम का पाकिस्तान और चीन ने विरोध किया. हालांकि भारत ने पूरी दुनिया भर में फैला दिया कि ये हमारा आंतरिक मामला है, जिसे लेकर कोई भी देश अपना दखल नहीं दे सकता है.