एयरपोर्ट पर सफाई करने बाले आमिर ने खड़ी कर दी 10 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनी, जाने कैसे?

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कहते हैं ना कि इरादों की ढाल मजबूत हो तो इंसान को सफलता हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता। इसकी असल मिसाल आमिर कुतुब ने पेश की है। एक समय में एयरपोर्ट पर सफाई कर्मचारी का काम करने वाले आमिर कुतुब आज 10 करोड़ की टर्नओवर कंपनी चला रहे हैं। 31 साल के आमिर ऑस्ट्रेलिया बेस्ट एक मल्टी नेशनल डिजिटल फॉर्म के मालिक हैं, जिसका टर्नओवर 10 करोड़ रुपये है। मौजूदा समय में आमिर की कंपनी 4 देशों में है। क्या है आमिर की सफलता की पूरी कहानी आइए हम आपको सुनाते हैं।

आमिर कुतुब एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता सरकारी नौकरी में काम करते थे और उनकी माता हाउसवाइफ थी। पिता की शुरू से ही ख्वाहिश थी कि आमिर इंजीनियर या डॉक्टर बने। इसलिए उन्होंने बारहवी में के बाद उनका एडमिशन बीटेक में करवा दिया। आमिर बताते हैं कि उस दौरान के सभी दोस्तों ने मैकेनिकल में एडमिशन लिया, तो उन्होंने भी मैकेनिकल ब्रांच में एडमिशन ले लिया।

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बकौल आमिर उन्हें पढ़ाई में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं था। ऐसे में उन्हें पढ़ाई समझ में नहीं आती थी। वह पढ़ाई में काफी कम समय बिताते थे। समय बीतता गया इसके बाद आमिर ने सेकंड ईयर में आते ही एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में पार्टिसिपेट करना शुरू कर दिया। वह कॉलेज फेस्ट में भी हिस्सा लेने लगे।

इसी तरह कॉलेज में एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में पार्टिसिपेट करते हुए उन्होंने कई अवार्ड भी जीते। तभी सेकंड ईयर के दौरान ही उन्हें ख्याल आया कि यूनिवर्सिटी में कोई सोशल नेटवर्क नहीं है, तो क्यों ना एक सोशल नेटवर्किंग ऐप बनाई जाए। उन्होंने इस बात का जिक्र अपने दोस्तों से किया तो दोस्तों ने उनका काफी मजाक उड़ाया और कहा कि तू मैकेनिकल ब्रांच में हो।

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आमिर ने बताया कि जब उन्होंने यह बात अपने दोस्तों से शेयर की तो उनके दोस्तों ने उनका काफी मजाक उड़ाया और उन्होंने कहा कि तुम मैकेनिकल ब्रांच में है और ऐप बनाने की बात कर रहा है। ऐप कोडिंग के जरिए बनाई जाती है और तुझे कोडिंग बनाना नहीं आता है। एसे में यह ऐप कैसे बनेगा। आमिर ने बताया कि यह वो टाइम था जब फेसबुक भी नया ऐप था। तब आमिर ने कोडिंग सीखने का फैसला किया और उन्होंने इसके लिए गूगल का सहारा लिया।

इसके बाद गूगल की मदद से आमिर ने कोडिंग सीखनी शुरू कर दी। आमिर बताते हैं कि 4 महीने में उन्होंने एक ऐप बनाने की कोडिंग सीख ली। इसके बाद उन्होंने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर एक सोशल नेटवर्किंग ऐप बनाई और उसे लॉन्च कर दिया। आमिर बताते हैं कि उनकी यह ऐप काफी कम समय में फेमस हो गई। हफ्ते भर में ही 10 हजार स्टूडेंट्स ने उसे ज्वाइन कर लिया था। उसमें सब एक दूसरे से बात करते, फोटो शेयर करते और यह प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल रहा।

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बकौल आमिर कुतुब इसके बाद उन्होंने कॉलेज मैगजीन पर काम करना शुरू किया। इसके लिए सबसे पहले उन्होंने स्पॉन्सर की तलाश की। काफी लोगों से मिले और उनसे कॉलेज मैगजीन के लिए स्पॉन्सरशिप देने की बात कही, जिसके जवाब में सबने प्रपोजल तैयार करने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने गूगल से ही प्रपोजल बनाना सीखा और दोबारा उन लोगों से मिलने गए। फाइनली उन्हें एक स्पॉन्सर मिल गया जो कि उनकी मैगजीन को स्पॉन्सर करने के लिए तैयार हो गया।

इसके बाद कॉलेज में इलेक्शन हुए तो सेक्रेटरी की पोस्ट के लिए वह कॉलेज में चुनाव में खड़े हुए और जीत गए। आमिर बताते हैं कॉलेज चुनाव में सेक्रेटरी पद हासिल करने के बाद उनमें लीडरशिप स्किल्स भी आ गई। इस दौरान उन्होंने कॉलेज ट्रेनिंग के दौरान ही मैगजीन बनाने के मार्केट को भी समझा और धीरे-धीरे वह इसी स्तर पर काम करना शुरू हो गया।

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इसके बाद वह विदेश आ गए, जहां करीबन 100 से ज्यादा कंपनियों में अप्लाई किया, लेकिन कहीं भी सिलेक्शन नहीं हुआ। ऐसी मुश्किल दौर में गुजारा बसर करने के लिए 3 महीने एयरपोर्ट पर क्लीनिंग का काम किया। वह 20 डॉलर प्रति घंटा मिल जाता था। नौकरी दिन की थी इसलिए पढ़ाई करना मुश्किल होता था और बिजनेस के बारे में कुछ भी सोच पाना भी काफी मुश्किल रहा।

इसके बाद उन्होंने रात की नौकरी तलाशनी शुरू की। मैंने घरों में न्यूज़पेपर डालने का काम किया जो कि रात को 3:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक का होता था। इसके बाद अपने बिजनेस पर भी फोकस करना शुरू किया। इसी दौरान आमिर ने अपनी खुद की एक वेबसाइट डिजाइन की और उसे रजिस्टर भी करवा लिया, लेकिन इसके लिए क्लाइंट मिलने काफी मुश्किल हो गए। आमिर बताते हैं कि क्लाइंट की तलाश में जगह-जगह घूमे तो ऐसे में एक मददगार मिला जिसकी मदद से काम शुरू हुआ।

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इसी काम के जरिए ऑस्ट्रेलिया में एक सेमी गवर्नमेंट ऑफ डाइजेशन कपंनी में काम करने का मौका मिला। वहां डेढ़ साल काम करता रहा, जो कि काफी अच्छा चला। आमिर वहां पर बतौर जीएम पद पर काम करते थे। इस नौकरी से उन्होंने जब काफी पैसे जोड़ लिए तो उन्होंने अपना काम दोबारा सेट करने की कोशिश की। इसके लिए उन्होंने इंडिया से अपने 4 लोगों के साथ मिलकर काम शुरू किया।

यह काम चल पड़ा लेकिन काम के साथ खर्चा भी बढ़ने लगाष ऐसे में आमिर ने 50 लाख का लोन ले लिया। इसके बाद काफी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा। इस दौरान उन्हें कई ऐसे क्लाइंट भी मिले जिनके लिए वह वेबसाइट पर काम कर देते लेकिन वह पेमेंट या तो करते नहीं या बहुत टाइम में पेमेंट देते।

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काफी इसी तरह के मामले होने के बाद उन्होंने अपने क्लाइंट के चार्जेज बढ़ा दिए। धीरे-धीरे ग्रोथ मिलती गई और डेढ़ साल में लोन खत्म हो गया। आज आमिर चार देशों के साथ काम कर रहे हैं। मौजूदा समय में उनकी कंपनी का टर्नओवर 10 करोड़ का है। उनके पास 100 से ज्यादा एंपलॉयर्स परमानेंट है और 300 कॉन्ट्रैक्ट बेस पर काम कर रहे हैं।