राजस्थान: गहलोत सरकार ने दीपावली पर पटाखों की बिक्री-आतिशबाजी पर लगाई रोक

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राजस्थान: अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार ने कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने और कोविड-19 की परेशानी के मद्देनजर दीपावली पर पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी पर रोक लगा दी है। हालांकि सरकार के इस फैसले पर पटाखा विक्रेता खासे नाराज हैं, क्यूंकि इससे उन्हें करोडो रूपये के नुक्सान की आशंका है।

बहरहाल, प्रदेश भर में अब पटाखों की विक्री पर रोक रहेगी। इसी के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को बिना फिटनेस के धुआं उगलने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

खबर विस्तार

Image Source: Social Media

राजस्थान में पटाखों के बैन से जंहा ब्यापारी समुदाय काफी निरास व हतास है, तो वंही प्रदेश सरकार का मानना है की जनता का जीवन सर्वोपरि है। इस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, कि कोरोना महामारी के इस चुनौतीपूर्ण समय में प्रदेशवासियों की जीवन की रक्षा सरकार के लिए सर्वोपरि है।

मुख्यमंत्री आवास पर हुई समीक्षा बैठक में सीएम ने कहा कि आतिशबाजी से निकलने वाले धुएं के कारण कोविड मरीजों के साथ ही हृदय एवं श्वास रोगियों को भी तकलीफ का सामना करना पड़ता है। ऐसे में दिवाली पर लोग आतिशबाजी से बचें।

‘सावधानी बरतनी जरूरी’

राजस्थान प्रदेश में अब पटाखों की विक्री के लिए जारी होने बाले लाइसेंस पर भी अंकुश लगा दिया गया है। इसी के साथ शादी समारोह व अन्य कार्यक्रमों में होने बाली आतिशबाजी पर भी रोक लगाने का सुझाव प्रदेश सरकार की तरफ से जारी किया गया है।

इस विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्मनी, यूके, फ्रांस इटली, स्पेन जैसे विकसित देशों में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई है। कई देशों को तो पुनः लॉकडाउन लगाने पर मजबूर होना पड़ा है। हमारे यहां भी ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो जाए, इसे देखते हुए हमें भी सावधानी बरतनी होगी।

नियम न मानने वालों पर हो कार्रवाई: गहलोत

पटाखों की विक्री के साथ साथ प्रदेश सरकार बाहनो से निकलने बाले प्रदूषण को भी लेकर चिंतित दिखी। मुख्यमंत्री गहलोत ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे लालबत्ती होने पर वाहनों के इंजन को बंद कर दें। साथ ही, मोहल्लों में कचरे को न जलाएं।

इस संबंध में उन्होंने निर्देश देते हुए कहा, प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। फिटनेस होने के बावजूद यदि वाहन निर्धारित मात्रा से अधिक धुआं छोड़ते पाया जाता है तो संबंधित फिटनेस
सेंटर पर भी कार्रवाई हो।