यूपी में गाय-भैंस का बनेगा आधार कार्ड, जानिए इससे जुड़ी सभी बातें

0
0

उत्तर प्रदेश में मार्च 2021 तक करोड़ गायों और भैसों को जिओ टैग किया जाएगा यानी गाय भैंस की लोकेशन आसानी से पता की जा सके और अब से यही आइडेंटिफिकेशन नंबर ही उनकी पहचान होगी.

बता दें कि ई-गोपाल ऐप को शुरू करते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पशु आधार नंबर का जिक्र किया और कहा इस ऐप में 12 डिजिट का नंबर डालने का काम पूरा हो जाएगा तो इससे जानवरों के बारे में सभी जानकारियां और उनकी लोकेशन का पता किया जा सकेगा. पशुओं को खरीदना बेचना भी आसान हो जाएगा.

आखिर पशु आधार है क्या?

दरअसल, पशुओं कि टैगिंग ही उनका आधार कार्ड है. अब देशभर के सभी जानवरों के लिए एक यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर जारी होगा और आप घर बैठे ही अपने पशु के बारे में सॉफ्टवेयर के जरिए टीकाकरण, नस्ल सुधार कार्यक्रम, चिकित्सा सहायता सहित अन्य कामो की जानकारी आसानी से ले सकेंगे.

केंद्रीय पशुपालन विभाग के मुताबिक़ अगले डेढ़ साल में लगभग करोड़ से अधिक मवेशियों को उनके मालिक उनकी नस्ल एवं उत्पादकता का पता लगाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यूनिक आईडी (Animal UID-Pashu Aadhaar) दी जाएगी. मवेशियों के कान में ग्राम के वजन वाला पीला टैग भी लगाया जाएगा जिसपर 12 डिजिट का आधार नंबर होगा. भारत में पशुधन की जानकारी से जुड़ने के लिए एक डेटाबेस बनाया जा रहा है. सरकार की कोशिश है कि पशुधन के जरिए किसानों की आमदनी बढ़ाई जाए.

इसके साथ ही साथ गाय और भैंस के मालिक को एक एनिमल हेल्थ कार्ड भी दिया जाएगा. इस कार्ड में मालिक यूनिक नंबर के साथ ही मालिक की पहचान और उसके पशु के टीकाकरण और ब्रीडिंग की जानकारी होगी जिससे मवेशी के स्वास्थ्य की स्तिथि और उसकी ब्रीडिंग पर भी नज़र रखने में मदद मिल सकती है. इन टेक्नीशियन के पास टैग लगाने के लिए 50,000 टैग एप्लिकेटर्स है और इतने ही टेबलेट भी है जिसकी मदद से नेशनल ऑनलाइन डेटाबेस पर यूनीक नंबर को अपडेट किया जाएगा.